इस मंदिर की अनोखी मान्यता, रोल नंबर लिखी पर्ची हनुमान जी के हाथ में रखने से हो जाते हैं पास

इस मंदिर की मान्यता है कि जो भी स्टूडेंट हनुमान जी को रोल नंबर लिखकर पर्ची देता है उसकी मनोकामना पूरी होती है और वो पास हो जाता है. पुजारी ने बताया कि पहले स्टूडेंट मंदिर की दीवार पर रोल नंबर लिखकर चले जाते या कागज में रोल नंबर लिखकर बांधकर चले जाते थे, उसके बाद अब स्टूडेंट अपने रोल नंबर लिखे हुए पर्ची को पुजारी के माध्यम से हनुमान जी के हाथ में लगा देते हैं. कई बार तो स्टूडेंट नारियल बांधकर भी चले जाते है. मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने के लिए कई लोग आते हैं, लेकिन, स्टूडेंट की संख्या ज्यादा होती है.
पुजारी ने बताया कि यहां आस पास की कॉलेज और कोचिंग से पास होकर नौकरी लगने और अधिकारी बनने के बाद आज भी कई ऑफिसर हनुमान जी के दर्शन कर माथा टेकने आते है. इस मंदिर में कई आईएएस, आईपीएस सहित कई अन्य पदों पर लगे हुए हैं वे कई बार दर्शन करने आते है
ग्रेजुएट हनुमान मंदिर के पास कई कॉलेज और कोचिंग है. जहां हजारों छात्र पढ़ते हैं. ये स्टूडेंट शाम के समय यहां हनुमान जी के दर्शन करने आते हैं. यहां एक किलोमीटर के अंदर संभाग का सबसे बड़ा राजकीय डूंगर महाविद्यालय, राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, राजकीय लॉ कॉलेज, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, राजकीय नर्सिंग कॉलेज के अलावा कई निजी कॉलेज और कई निजी कोचिंग संस्थान भी हैं. इसके साथ ही यहां कई होस्टल और पीजी भी हैं. जहां हजारों स्टूडेंट पढ़ते और रहते हैं. वे स्टूडेंट अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए बाबा हनुमान जी के दर्शन करते हैं

