उपासना शर्मा को मिली डॉक्टरेट की उपाधि, बालकों की इंटरनेट सुरक्षा पर किया शोध

बीकानेर. उपासना शर्मा ने टांटिया यूनिवर्सिटी, श्रीगंगानगर से “बालकों के मानवाधिकारों का संरक्षण और कार्यान्वयन : बालकों की इंटरनेट सुरक्षा से सम्बन्धित विशेष संदर्भ” विषय पर शोध पूर्ण कर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। उपासना, लक्ष्मी देवी एवं गोवर्धन दास की पुत्री हैं।
उन्होंने अपना शोध कार्य विधि विशेषज्ञ एवं शोध निर्देशक डॉ. मिथिलेश बंसल के निर्देशन में पूरा किया। शोध का मुख्य विषय वर्तमान डिजिटल युग में बच्चों के मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा इंटरनेट के माध्यम से बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन खतरों से बालकों को सुरक्षित रखने से जुड़ा रहा।
अपने शोध में उपासना शर्मा ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, कानूनी प्रावधानों और सुरक्षित डिजिटल वातावरण की आवश्यकता पर विशेष अध्ययन किया है। उनका मानना है कि आज के दौर में बच्चे इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, ऐसे में उनके अधिकारों की रक्षा और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक हो गया है।
यह शोध न केवल कानूनी ढांचे को मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा, बल्कि समाज में बच्चों के लिए सुरक्षित और जागरूक डिजिटल वातावरण तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।
उपासना शर्मा की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षाविदों, इष्ट मित्रों और परिजनों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उपासना शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शोध निर्देशक डॉ. मिथिलेश बंसल, गुरु डॉ. अनिल कौशिक, परिवारजनों और मित्रों के सहयोग एवं मार्गदर्शन को दिया।

