एक ऐसी मिठाई जिसकी सालभर रहती है डिमांड, इसके बिना अधूरा है हर त्यौहार
बीकानेर की लगभग सभी मिठाइयां पूरे देश में प्रसिद्ध है. इनमें एक ऐसी मिठाई है जिसकी पूरे साल भर तक डिमांड रहती है और हर त्यौहार इस मिठाई के बिना अधूरा माना जाता है. हम बात कर रहे है बीकानेर की प्रसिद्ध मिठाई मोतीपाक की. मोतीपाक की डिमांड ऐसी है की हर छोटे से लेकर बड़े कार्यक्रम में मोतीपाक मिठाई तो होती है. बीकानेर सहित देश के हर कार्यक्रम में मोतीपाक मिठाई स्पेशल होती है और इसके साथ कोई ओर मिठाई भी होती है. इस मिठाई को विदेशों में भी भेजा जाता है.
मिठाई व्यापारी जोरावर ने बताया कि मोतीपाक बहुत पुरानी मिठाई है. पुराने समय में जब बूंदी बनती थी तो लोग इसका स्वाद अलग करने के लिए मोतीपाक का इजाद किया. इसका स्वाद बूंदी से दुगुना होता है. इन दिनों यह सर्दी और गर्मी में बढ़ी मात्रा में इसकी बिक्री होती है. गर्मी में इसकी ज्यादा डिमांड रहती है जबकि सर्दी में मोतिपाक का हलवा बनाकर भी दिया जाता है. वे बताते है कि सबसे ज्यादा मोतीपाक कलकत्ता जाती है. हालांकि मोतीपाक सभी जगह बनती है, लेकिन बीकानेर की मोतीपाक का स्वाद सबसे अलग है. इस मोतीपाक को गर्मी में सात दिन और सर्दी में एक माह तक रखते है. यह मिठाई बाजार में 400 रुपए किलो बिकती है.
जोरावर ने बताया कि मोतीपाक की खासियत है कि यह मोतीपाक बनकर तैयार हो जाती है तो इसके दो से चार दिन बाद इसका स्वाद ओर बढ़ जाता है. बीकानेर में लोग मोतीपाक को लाकर कुछ दिन बाद खाते है जिससे इसका स्वाद और खाने का आनंद भी अलग होता है.
जोरावर ने बताया कि मोतीपाक को बनाने में करीब 2 से 3 घंटे का समय लग जाता है. इसमें केसर, घी, चीनी, बेसन, मावा, बादाम, पिस्ता डालकर बनाया जाता है.

