परिवार हो तो ऐसा! तीन सगे भाई-बहन ने जीते बॉक्सिंग में 24 मेडल, अब हर तरफ हो रही चर्चा
बीकानेर अब खेलों की नगरी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. यहां के एक परिवार के तीनों सगे भाई-बहन ने नेशनल लेवल पर मेडल हासिल किया है. यह बीकानेर का पहला परिवार है और संभवतः राजस्थान का भी. खास बात यह है कि तीनों भाई-बहन ने बॉक्सिंग में ही नेशनल मेडल जीता है. ये तीनों साथ में प्रैक्टिस करते हैं और डाइट भी साथ में लेते हैं. अब तक इन तीनों ने 24 मेडल हासिल किए हैं. ये तीनों रोजाना बॉक्सिंग की 6 घंटे प्रैक्टिस करते हैं और अब इंटरनेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं
कोच राजेंद्र सिंह ने बताया कि माता-पिता को अलग-अलग दिशा में जाने की जरूरत नहीं है. तीनों भाई-बहन एक ही जगह और एक ही समय पर प्रैक्टिस करते हैं. यहां तीनों की डाइट भी एक ही है. तीनों साथ में खेलते हैं और पार्टनर बनकर भी खेलते हैं
तीनों खिलाड़ियों के पिता सूरज ने बताया कि वे आरएसी की 10वीं बटालियन में काम करते हैं. हमारा परिवार शुरू से ही खेल से जुड़ा हुआ है. मैंने भी फुटबॉल खेला है. बच्चों का हमेशा स्पोर्ट्स के प्रति काफी जुड़ाव रहा है. बच्चों के मौसी के बेटे बॉक्सिंग करते हैं, उन्हें देखकर बच्चों ने भी बॉक्सिंग खेलना शुरू किया
पिछले चार सालों से तीनों भाई-बहन जिला, राज्य स्तर पर मेडल ला रहे हैं. राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भी तीनों ने मेडल हासिल किया था. अब नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में मेडल जीता है. बड़ा भाई अंडर 19 में खेलता है और बाकी एक भाई और बहन अंडर 17 में खेलते हैं
अनीता ने दिल्ली में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया है. राजस्थान में कुल तीन मेडल आए थे जिसमें से बीकानेर की अनीता ने एक मेडल जीता. अनीता के भाई अर्जुन ने हरियाणा के रोहतक में सिल्वर मेडल प्राप्त किया. अर्जुन ने अलग-अलग राज्यों के बॉक्सर को हराया है.
देवेंद्र ने बताया कि हमारा परिवार पहले से ही स्पोर्ट्स से जुड़ा रहा है. बॉक्सिंग खेल सबसे अलग लगा और इसका मेरे से खास लगाव था. रोजाना सुबह और शाम को 5 से 6 घंटे अभ्यास करते हैं. अब तक मैंने ओपन जूनियर नेशनल में गोल्ड, स्कूली में भी गोल्ड, जिला स्तर पर भी गोल्ड मेडल जीते हैं.
अनीता ने बताया कि स्कूली प्रतियोगिता में गोल्ड, राज्य स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड, ओपन स्टेट में गोल्ड मेडल हासिल किया है. स्कूली नेशनल में कांस्य पदक जीता है. रोजाना सुबह और शाम को 5 से 6 घंटे अभ्यास करती हैं. अब तक करीब 7 से 8 मेडल जीते हैं

