बीकानेर में संभाग स्तरीय एक दिवसीय एनएसएस कार्यशाला सम्पन्न
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बीकानेर में संभाग स्तरीय एक दिवसीय एनएसएस कार्यशाला सम्पन्न

Oct 15, 2025
बीकानेर. राजकीय डूँगर महाविद्यालय, बीकानेर में कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय, राजस्थान, जयपुर एवं राजकीय डूँगर महाविद्यालय, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को बीकानेर संभाग स्तरीय एक दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा चूरू जिलों से आए जिला समन्वयकों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यशाला के उद्देश्य एवं रूपरेखा का परिचय डॉ. घनश्याम बीठू, कार्यशाला संयोजक एवं एनएसएस समन्वयक ने दिया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य एनएसएस के कार्यों को अधिक संगठित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर. के. पुरोहित ने स्वागत भाषण में कहा कि “एनएसएस केवल एक सेवा योजना नहीं, बल्कि युवाओं में ‘सेवा परमो धर्मः’ की भावना को जागृत करने वाला आंदोलन है।” उन्होंने उल्लेख किया कि डूँगर महाविद्यालय के एनएसएस इकाई ने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, साक्षरता एवं रक्तदान जैसे क्षेत्रों में निरंतर अनुकरणीय योगदान दिया है।
मुख्य अतिथि डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, विधायक (खाजूवाला) ने अपने उद्बोधन में कहा कि “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि है। एनएसएस स्वयंसेवक समाज के सबसे मजबूत स्तंभ हैं, जो ग्रामीण अंचल से लेकर विश्वविद्यालय तक विकास की चेतना जगाते हैं।” उन्होंने स्वयंसेवकों से आत्मविश्वास और अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट वक्ता डॉ. के. के. कुमावत, राज्य समन्वयक एवं कार्यशाला निदेशक ने एनएसएस की संरचना, नवीन नीतियों एवं डिजिटल प्रबंधन प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि पीएफएमएस और डिजिलॉकर जैसी प्रणालियाँ सेवा कार्यों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाती हैं।
तकनीकी सत्र–I में डॉ. कुमावत ने स्वयंसेवकों और कार्यक्रम अधिकारियों को पीएफएमएस की वित्तीय पारदर्शिता प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सटीक रिपोर्टिंग और डिजिटल प्रमाणन प्रक्रिया के माध्यम से एनएसएस कार्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने के उपाय बताए।
तकनीकी सत्र–II में सीडीटीआई के एएसपी रघुवीर सिंह ने भारतीय न्याय संहिता एवं साइबर सुरक्षा पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं को डिजिटल सावधानी एवं साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर प्रशिक्षित किया।
तकनीकी सत्र–III में एसआरकेपीएस के कार्यकारी निदेशक राजन चौधरी ने नशा मुक्ति आंदोलन में युवाओं की भूमिका पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि युवा समाज के “प्रेरक दूत” बनकर नशा उन्मूलन के अभियान को नई गति दे सकते हैं।
कार्यशाला के समापन सत्र में आईबीआरएसएम वेस्टर्न जॉन के संयोजक डॉ. दिग्विजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि “एनएसएस समाज में आशा, अनुशासन और एकता की ज्योति प्रज्वलित करता है तथा नशे की प्रवृत्ति से समाज को दूर रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, सहायक निदेशक, ने नशा मुक्ति, कार्य नैतिकता एवं अनुशासन के महत्व पर बल दिया।
कार्यशाला की रिपोर्ट डॉ. प्रकाश गर्ग ने प्रस्तुत की जबकि डॉ. हेमेन्द्र अरोड़ा, जिला समन्वयक, एनएसएस बीकानेर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। मंच संचालन डॉ. रविकांत व्यास ने किया।
कार्यशाला का कुशल संचालन एवं समन्वयन डॉ. घनश्याम बीठू, एनएसएस समन्वयक, राजकीय डूँगर महाविद्यालय बीकानेर द्वारा किया गया। बीकानेर संभाग के चारों जिलों से आए 100 से अधिक कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को सफल बनाया।
यह कार्यशाला बीकानेर संभाग में एनएसएस गतिविधियों को नई दिशा, दृष्टि और ऊर्जा प्रदान करने में मील का पत्थर सिद्ध हुई।