पंचांगकर्ता बोले- 20 को दीपावली पूजन श्रेष्ठ और फलदायी

बीकानेर. पंचांगीय गणना एवं वैदिक मान्यताओं के आधार पर दीपावली पर्व की यथार्थ तिथि पर प्रकाश डालने और मनाने के उद्देश्य से गुरुवार को किराडू बगेची स्थित भालचंद्र गणेश मंदिर प्रांगण में विद्वत परिषद् के तत्वावधान में विद्वत् सभा के साथ विचार गोष्ठी का आयोजन रखा गया। जहां अनेक तर्क के साथ पंचागकर्ताओं ने बताया कि अमावस के दिन ही लक्ष्मी पूजन श्रेष्ठ और हितकारी होने के साथ धर्म सम्मत है, इसलिए दिपावली के पूजन का कार्य 20 अक्टूबर को ही किया जाएगा।
विद्वत् सभा में नगर के प्रमुख आचार्यगण, पंडितगण एवं संस्कृतप्रेमी शामिल रहे। इस अवसर पर पं नथमल पुरोहित, पुजारी बाबा, मम्मू महाराज, डॉ गोपाल नारायण व्यास, सुशील किराडू, राजेन्द्र किराडू, अशोक किराडू, अशोक ओझा, योगेश बिस्सा, योगेश
ओझा, आदित्य आचार्य माध्यन्दिन, डॉ योगेश व्यास, मांगीलाल भोजक, गायत्री प्रसाद यज्ञ प्रसाद शर्मा, आदि गणमान्य विद्वानजन ज्योतिष आदि जानकारों ने अपने विचार प्रकट किये।
कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर जनता से अनुरोध किया कि वे वैदिक परंपरा के अनुसार दीपावली मनाएं।
कार्यक्रम संचालक नानू महाराज किराडूने बताया काशी विद्वत परिषद् की तर्ज पर बीकानेर विद्वत परिषद् की स्थापना की गई है जिसमे बीकानेर के ज्योतिषी, पंचाग के गणितज्ञ, धर्म-शास्त्र का ज्ञान रखने वाले गुणीजन सम्मिलित रहेंगे जो भविष्य मे किसी भी तीज, पर्व, त्यौहार व्रत आदि का ये परिषद् अपना शास्त्र सम्मत निर्णय देंगे तथा इस वर्ष सभी धर्मानुरागी नागरिकों का 20 अक्टूबर की दीपावली मनाने का निर्णय लिया गया।

