राजस्थान में पहली बार 51 जोड़ो को विंटेज कारों में बैठाकर लक्ष्मीनिवास महल पहुंचे, फूल मालाओं से हुआ शाही स्वागत
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राजस्थान में पहली बार 51 जोड़ो को विंटेज कारों में बैठाकर लक्ष्मीनिवास महल पहुंचे, फूल मालाओं से हुआ शाही स्वागत

Nov 9, 2025
बीकानेर. राजसी वैभव, सामाजिक समरसता और मानवीय सेवा का ऐसा अनूठा संगम शायद ही कभी देखने को मिला हो।
सेवार्थ समर्पित यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) ने रविवार को बीकानेर में वह कर दिखाया, जो आने वाले समय में प्रेरणा का उदाहरण बनेगा।
सोजत सिटी में सम्पन्न 51 सर्वसमाज नवविवाहित जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन के बाद इन जोड़ों का राजशाही स्वागत बीकानेर के ऐतिहासिक लक्ष्मी निवास पैलेस में किया गया।
इस भव्य आयोजन का नेतृत्व UGPF के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने किया, जिनकी दूरदृष्टि और मानवीय संवेदना ने इस पहल को सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया।
जूनागढ़ से शुरू हुई शाही यात्रा
बीकानेर के ऐतिहासिक जूनागढ़ किले से जब यह शोभायात्रा विंटेज कारों और राजसी रथों में रवाना हुई, तो पूरा शहर मानो इस सामाजिक उत्सव में शामिल हो उठा।
ढोल-नगाड़ों की ताल और पुष्पवर्षा के बीच लोग इन नवदम्पत्तियों का स्वागत करते नज़र आए।
हर जोड़े के चेहरे पर मुस्कान और गर्व का भाव था – यह केवल विवाह नहीं, बल्कि जीवन में सम्मान और समानता का उत्सव था।
इस ऐतिहासिक पल में UGPF के –
निदेशक शक्ति सिंह बंदीकुई, ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह शेखावत, सलाहकार के.के. बोहरा, प्रबंधक मुकेश मेघवाल, पूर्णिमा शर्मा, हंसा राठौड़, राजश्री विश्नोई सीताराम कच्छावा,  बजरंग मेघवाल नागौर, धन्नाराम मेघवाल ओसियां, भगीरथ मेघवाल खिंवसर, एडवोकेट प्रेमदास मेघवाल, नीता माथुर, खुर्शीदा बेगम, रीना सच्चर, बबीता वर्मा, ममता जयपाल, मोनिका मेघवंशी और दुर्गा साल्वी सहित पूरी UGPF टीम मौजूद रही।
लक्ष्मी निवास पैलेस में हुआ शाही रिसेप्शन
जब यह राजसी शोभायात्रा लक्ष्मी निवास पैलेस पहुँची, तो नवविवाहित जोड़ों का परंपरागत स्वागत माला, आरती और पुष्पवर्षा से किया गया।
यहां एक हेरिटेज म्यूज़िक नाइट का आयोजन हुआ, जिसने वातावरण को संगीत, संस्कार और सौहार्द की भावनाओं से भर दिया।
इस दौरान महामंडलेश्वर डॉ. ओमदास महाराज, संत भजनराम महाराज और साध्वी संतोष बाईसा का सान्निध्य आयोजन को और भी पावन बना गया।
UGPF के निदेशक ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि यह पहला अवसर है जब किसी सामूहिक विवाह आयोजन को राजसी परंपरा, आधुनिक गरिमा और सामाजिक सम्मान के साथ जोड़ा गया है। यह पहल राजस्थान में सामाजिक समरसता और संस्कार आधारित विकास का नया अध्याय खोल रही है।
वहीं डायरेक्टर शक्ति सिंह बंदीकुई ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह संस्कार नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता का उत्सव है।
बीकानेर के सुप्रसिद्ध लक्ष्मी निवास पैलेस में 51 जोड़ों के लिए शाही रिसेप्शन आयोजित कर हमने यह संदेश दिया है कि जब समाज का सहयोग और संस्कार साथ आते हैं, तो नई परंपराएं जन्म लेती हैं।
UGPF के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने कहा कि “जब विवाह समाज के सहयोग से होता है, तो वह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का उत्सव बन जाता है। बीकानेर की यह पहल पूरे राजस्थान के लिए नई दिशा है. संस्कार, सम्मान और सेवा का संगम ही सच्चा उत्सव है।” उनके नेतृत्व में UGPF लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है जो सामाजिक उत्थान, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय एकता को मजबूत करें।
UGPF के मीडिया समन्वयक एवं सलाहकार के.के. बोहरा ने बताया कि यह आयोजन केवल एक इवेंट नहीं था — यह उस भारत की झलक थी, जहाँ संस्कार, सेवा और सम्मान साथ-साथ चलते हैं।
बीकानेर के इस शाही स्वागत ने दिखा दिया कि जब समाज के लिए कुछ करने का जज़्बा हो,
तो मेघराज सिंह रॉयल और UGPF जैसी संस्थाएँ इतिहास रच देती हैं।
कल देंगे विदाई
आयोजन समिति के के बोहरा ने बताया की सोमवार को इन सभी जोड़ों को पारंपरिक विदाई दी जाएगी। पूरे राजस्थानी नेगचार और उपहार समेत सभी जोड़ों को विदा किया जाएगा।