सबसे बड़ा दान – अभय दान – मुनि कमल कुमार
Bikaner News

सबसे बड़ा दान – अभय दान – मुनि कमल कुमार

Nov 15, 2025
बीकानेर. उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार स्वामी ने दान के विषय पर प्रवचन करते हुए कहा कि दान का मूल्यांकन ग्रहीता पात्र की कोटि के आधार पर करना होगा – यदि ग्रहिता पूर्ण संयत है तो उसे विधिपूर्वक दिया गया दान निरवध्य है जिन आज्ञा में है। यदि वह है असंयत है तो उसे दिया गया दान सावध्य है। जिन आज्ञा के बाहर है। निर्वद्य दान आध्यात्मिक दृष्टि से उपादेय है, लोकोत्तर धर्म की कोटि में आता है। सावद्य दान आध्यात्मिक दृष्टि से मोक्ष का साधन नहीं है।
मुनि ने कहा कि अभय दान सबसे बड़ा दान है। सामायिक में सभी छः काय के जीवों को अभयदान मिलता है। सामायिक में मनुष्य को सभी पापकारी प्रवृतियों से छुटकारा मिलता है। ज्ञान दान भी बहुत महत्वपूर्ण है ओर सभी प्रकार के दान देने से कम हो सकते है जैसे धन दान देने से धन कम हो सकता है, वस्त्र दान देने से वस्त्र कम हो सकता है अन्न दान देने से अन्न कम हो सकता है। लेकिन विद्या दान, ज्ञान दान देने से बढ़ता है।
इस अवसर पर तेरापंथी सभा गंगाशहर ने तेरापंथ विज्ञ परीक्षा भाग-3 में पुरे देश में प्रथम आने पर सुनीता पुगलिया का अभिनन्दन किया गया। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने बताया कि सुनीता  ज्ञानशाला गंगाशहर की संयोजिका व तेरापंथ महिला मंडल की सहमंत्री तथा तेरापंथ – मेरापंथ कार्यशाला की ट्रेनर भी है।
तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा प्रेम बोथरा व कंचन देवी सामसुखा ने पताका पहनाकर व साहित्य प्रदान करके सुनीता पुगलिया का सम्मान किया। प्रेम बोथरा व सुनीता पुगलिया ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये।