तेल-गैस संकट के बीच जल संकट टालने की तैयारी, नहरबंदी 10 दिन आगे बढ़ी
Bikaner News

तेल-गैस संकट के बीच जल संकट टालने की तैयारी, नहरबंदी 10 दिन आगे बढ़ी

Mar 12, 2026

बीकानेर. उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में संभावित जल संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ी राहत देते हुए नहरबंदी की तिथि आगे बढ़ा दी है। पहले यह नहरबंदी 21 मार्च से प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 10 दिन आगे बढ़ाते हुए 31 मार्च से लागू किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र भेजकर तिथि परिवर्तन का अनुरोध किया है।

 

 

 

दरअसल, इस क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के माध्यम से सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति होती है। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित कई जिलों की कृषि और पेयजल व्यवस्था काफी हद तक इसी नहर पर निर्भर है। ऐसे में यदि समय से पहले नहरबंदी हो जाती तो जल भंडारण कम होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों में पेयजल संकट की स्थिति बन सकती थी।

सरकार ने हालात को देखते हुए जल भंडारण को प्राथमिकता दी है, ताकि गर्मियों के दौरान पानी की उपलब्धता बनी रहे। नहरबंदी आगे बढ़ाने का उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक पानी नहरों के माध्यम से जलाशयों और डिग्गियों में संग्रहित किया जा सके। इससे न केवल पेयजल आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी बल्कि किसानों को भी सिंचाई के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल सकेगा।

 

 

 

जानकारों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश इलाके मरुस्थलीय हैं और यहां भूमिगत जल भी सीमित मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में नहर का पानी ही कृषि और पेयजल का मुख्य स्रोत है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है, इसलिए पर्याप्त जल भंडारण करना बेहद जरूरी होता है।

 

 

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने पंजाब सरकार से समन्वय कर नहरबंदी की तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे बीकानेर संभाग सहित आसपास के जिलों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

 

 

 

प्रशासन का मानना है कि अतिरिक्त दस दिनों तक पानी मिलने से जलाशयों और डिग्गियों में पर्याप्त मात्रा में पानी संग्रहित किया जा सकेगा, जिससे आगामी महीनों में संभावित जल संकट को काफी हद तक टाला जा सकेगा। वहीं किसानों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि रबी फसलों की सिंचाई के लिए उन्हें कुछ और समय तक नहर का पानी मिल सकेगा।