पापमोचनी एकादशी पर खाटू श्याम मंदिर में उमड़ी आस्था, श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन

बीकानेर। पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाने वाली पापमोचनी एकादशी के पावन अवसर पर बीकानेर के श्री खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा बाबा खाटू श्याम का आकर्षक और मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
गर्मी को देखते हुए श्रद्धालु प्रातःकाल ही मंदिर पहुंचने लगे, ताकि शांत वातावरण में बाबा के दर्शन कर सकें। मंदिर परिसर में “हारे के सहारे, खाटू श्याम हमारे” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने बाबा के दरबार में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। मंदिर परिसर के बाहर कई स्थानों पर ठंडे पानी के कैंपर रखे गए, ताकि दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को गर्मी में परेशानी न हो। ट्रस्ट के सदस्यों ने व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
मंदिर में भक्तों ने अपनी श्रद्धा के विभिन्न रूप भी प्रस्तुत किए। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में मौली के साथ नारियल बांधकर बाबा से मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की, वहीं अनेक भक्तों ने गुलाब के फूल और इत्र अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की। भजन-कीर्तन के मधुर स्वरों के बीच भक्त भाव-विभोर होकर बाबा की आराधना करते नजर आए और पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इस दौरान एक विशेष दृश्य भी देखने को मिला, जब एक महिला अपने साथ गणगौर माता और ईश्वर देवता की प्रतिमाएं लेकर बाबा के दर्शन करने मंदिर पहुंची। महिला ने बाबा के दरबार में परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
वहीं कुछ श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को लेकर अनोखे तरीके से मंदिर पहुंचे। उन्होंने परिसर में छोटे-छोटे पत्थरों से अपने सपनों के घर का प्रतीकात्मक स्वरूप बनाकर बाबा से नया मकान बनने की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना बाबा अवश्य पूर्ण करते हैं।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष पापमोचनी एकादशी पर श्रावण नक्षत्र और प्रज्ञा योगा का विशेष संयोग भी बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे शुभ योग में विष्णु की पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पापमोचनी एकादशी के इस पावन अवसर पर मंदिर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही और श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आस्था का वातावरण बना रहा।

