दुबई किंग बनकर जी रहा था लग्जरी लाइफ, निकला इंटरनेशनल नार्को सिंडिकेट का सरगना
बीकानेर. सोशल मीडिया पर ‘दुबई किंग’ बनकर ऐशो-आराम की जिंदगी दिखाने वाला शख्स आखिरकार बीकानेर पुलिस के शिकंजे में आ गया। 75 हजार रुपये का इनामी राकेश प्रजापत, जिसे ड्रोन ड्रॉपिंग नेटवर्क का हैंडलर और मुख्य सरगना माना जा रहा है, पिछले 13 महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस का दावा है कि वह पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट के लिए ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि खाजूवाला के 8 केवाईडी क्षेत्र में हुई ड्रोन ड्रॉपिंग और पूगल में 22 अप्रैल को 14 किलो हेरोइन बरामदगी के मामले की जांच के दौरान राकेश प्रजापत का नाम मुख्य हैंडलर के रूप में सामने आया। इस मामले में पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था और अब राकेश की गिरफ्तारी के साथ कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
राकेश प्रजापत अप्रैल 2026 में पूगल में 14 किलो हेरोइन बरामदगी तथा 2 अगस्त को खाजूवाला में हुई नार्को-आर्म्स ड्रोन ड्रॉपिंग मामले का मुख्य साजिशकर्ता है। आरोपी पर बीकानेर रेंज के आईजी द्वारा 50 हजार रुपये और पाली पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पंजाब जेल से जुड़कर बनाया अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2024-25 में पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद रहने के दौरान राकेश अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट के संपर्क में आया। इसके बाद उसने पाकिस्तान स्थित तस्करों से संपर्क स्थापित कर ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी का नेटवर्क खड़ा किया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करी का भुगतान पंजाब से दिल्ली और दुबई के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंचाया जाता था।
13 महीने से फरार, कई राज्यों में बदलता रहा ठिकाना
पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले 13 महीनों से फरार था और अपनी पहचान बदलकर पंजाब, गोवा, कर्नाटक, राजस्थान सहित कई राज्यों में छिपता रहा। सोशल मीडिया पर वह “दुबई किंग” और “सरकार ग्रुप” जैसे नामों से आलीशान जीवनशैली का प्रदर्शन करता था। पुलिस का कहना है कि अवैध कमाई से वह बार, क्लब और पबों में लग्जरी लाइफ जीता था।
22 आपराधिक मामले दर्ज
राकेश प्रजापत के खिलाफ राजस्थान, पंजाब, गोवा और कर्नाटक में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में 22 मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से बीकानेर, पाली, ब्यावर, गोवा, बैंगलोर और कर्नाटक पुलिस के लिए वांछित था।
ऐसे दबोचा गया आरोपी
एसपी कच्छावा के निर्देशन में साइबर सेल, जिला स्पेशल टीम और खाजूवाला थाना पुलिस ने कई राज्यों में लगातार निगरानी रखी। विश्वसनीय सूचना मिलने पर अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर पंजाब से जोधपुर जा रहे राकेश प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी बोले- ड्रोन ड्रॉपिंग का नया ठिकाना बना सीमावर्ती इलाका
एसपी कच्छावा ने कहा कि पहले ड्रोन ड्रॉपिंग की घटनाएं मुख्य रूप से पंजाब में होती थीं, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद तस्करों ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर खाजूवाला और पूगल, को नया ठिकाना बनाना शुरू कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री के हालिया सीमा दौरे के बाद जिला पुलिस ने बॉर्डर पर निगरानी और इंटेलिजेंस तंत्र को और मजबूत किया, जिसके चलते यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
उन्होंने बताया कि राकेश बेहद शातिर अपराधी है और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलता रहा। पुलिस अब उससे पूछताछ कर ड्रोन ड्रॉपिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही सीमावर्ती गांवों में लोगों से लगातार संवाद कर संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की जा रही है। पुलिस स्थानीय लोगों के सहयोग और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रही है।

