निकाय चुनाव पर ‘मेलों’ का साया, हजारों श्रद्धालु निकलेंगे पैदल यात्रा पर, अब तारीख बदलने की मांग
बीकानेर. एक तरफ निकाय चुनाव का उत्साह और दूसरी तरफ लोकदेवताओं के प्रति आस्था। बीकानेर में इस बार सितंबर में होने वाले निकाय चुनाव के मतदान प्रतिशत पर भादवे के मेलों का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भादवा शुरू होते ही बीकानेर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा रामदेव, पूनरासर हनुमानजी, कोडमदेसर भैरूजी और सीसा भैरूजी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के लिए पैदल यात्राओं पर निकलते हैं। ऐसे में चुनाव के समय बड़ी संख्या में मतदाताओं के शहर से बाहर रहने को लेकर राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है।
29 अगस्त से भादवे का महीना शुरू हो रहा है। इस पूरे महीने बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक मेलों का सिलसिला चलता है। लोकदेवता बाबा रामदेव का मेला 13 सितंबर से शुरू होगा। बाबा रामदेव के प्रति राजस्थान ही नहीं, आसपास के राज्यों के श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कई दिन पहले ही पैदल रामदेवरा के लिए रवाना हो जाते हैं।
भादवे में पैदल यात्राओं पर निकलते हैं हजारों लोग
बीकानेर जिले में भादवे के दौरान बाबा रामदेव मेले के साथ पूनरासर हनुमानजी, कोडमदेसर भैरूजी और सीसा भैरूजी के मेलों को लेकर भी जबरदस्त उत्साह रहता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के जत्थे पैदल रवाना होते हैं। कई यात्राएं मतदान की तारीखों के आसपास ही शुरू हो जाती हैं।
बीकानेर जिले की छह नगर पालिकाओं में 9 सितंबर और नगर निगम क्षेत्र में 11 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बड़ी संख्या में मतदाता पहले ही धार्मिक यात्राओं के लिए निकल गए तो मतदान प्रतिशत पर इसका कितना असर पड़ेगा।
‘चुनाव की तारीख बदलने के आवेदन मिले’
जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन ने बताया कि मेलों को देखते हुए चुनाव की तारीख में बदलाव की मांग से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। चुनाव कार्यक्रम में किसी प्रकार के बदलाव पर अंतिम निर्णय आयोग स्तर पर ही लिया जाएगा।
कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, निर्वाचन अधिकारी को सौंपा पत्र
कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में लोकदेवता बाबा रामदेवजी का विशाल मेला भरता है। पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल रामदेवरा जाते हैं। चुनाव की तारीख इसी अवधि में होने से बड़ी संख्या में लोग मतदान से वंचित रह सकते हैं।
सियाग ने कहा कि लोकतंत्र में प्रयास अधिक से अधिक मतदान करवाने का होना चाहिए। यदि मतदाता धार्मिक यात्रा के कारण अपने मतदान केंद्र से दूर होंगे तो मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। उन्होंने इसे मताधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए चुनाव की तारीख आगे या पीछे करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि संभाग के कांग्रेस अध्यक्षों की ओर से भी निर्वाचन आयोग को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। बीकानेर में जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की गई है कि चुनाव की तारीख ऐसी रखी जाए जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था भी प्रभावित नहीं हो और वे अपने मताधिकार का उपयोग भी कर सकें।
अब चुनाव की तारीखों और भादवे के मेलों के इस संयोग के बीच नजर राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले पर रहेगी।

