अब 5 रुपए की झंडी करेगी गुरुओं की मदद, शिक्षक दिवस पर चलेगा खास अभियान
बीकानेर. शिक्षक दिवस पर इस बार विद्यालयों में शिक्षक सम्मान के साथ शिक्षक कल्याण के लिए धन-संग्रह अभियान भी चलाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान की ओर से 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेशभर के राजकीय और गैर राजकीय विद्यालयों में झंडियों का वितरण कर दान राशि एकत्रित की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की ओर से स्पष्ट किया गया है कि झंडियों से एकत्र राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवाई जाएगी। साथ ही झंडियों के वितरण और प्राप्त राशि का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य शिक्षक दिवस को सम्मान समारोह तक सीमित न रखते हुए जरूरतमंद शिक्षकों और उनके परिवारों की सहायता से जोड़ना है।
बीकानेर जिले में प्रारंभिक शिक्षा के लिए 3500 झंडियों का वितरण किया जाएगा। प्रत्येक झंडी की राशि 100 रुपए निर्धारित की गई है। इस हिसाब से बीकानेर में प्रारंभिक शिक्षा के तहत 3 लाख 50 हजार रुपए के झंडे उपलब्ध करवाए जाएंगे। वहीं माध्यमिक शिक्षा में बीकानेर के लिए 4900 झंडियां निर्धारित की गई हैं। इनकी दर भी 100 रुपए प्रति झंडी है और कुल राशि 4 लाख 90 हजार रुपए होगी।
इसके अलावा दानदाताओं के लिए 5 रुपए मूल्य की झंडियां भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रारंभिक शिक्षा में बीकानेर जिले के लिए 20 हजार 640 झंडियों का लक्ष्य रखा गया है, जिनकी कुल राशि 1 लाख 3 हजार 200 रुपए है। माध्यमिक शिक्षा में बीकानेर के लिए 36 हजार 370 झंडियां निर्धारित हैं, जिनकी कुल राशि 1 लाख 81 हजार 850 रुपए है।
शिक्षकों और जरूरतमंद परिवारों के काम आती है राशि
राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान के माध्यम से एकत्र होने वाली राशि शिक्षक वर्ग के कल्याण के लिए खर्च की जाती है। योजना के तहत सेवाकाल के दौरान शिक्षक की मृत्यु होने पर आश्रितों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। दस्तावेज के अनुसार कार्यरत शिक्षक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर आश्रितों को 20 हजार रुपए तक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इसके साथ ही कैंसर जैसे गंभीर रोगों के उपचार और बच्चों की व्यावसायिक शिक्षा के लिए सहायता सहित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों में भी इस राशि का उपयोग किया जाता है। उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने और नियमानुसार भारत भ्रमण जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान बताया गया है।
स्कूलों में होंगे सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालयों में केवल धन-संग्रह ही नहीं, बल्कि विभिन्न शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें शिक्षकों की भूमिका और योगदान पर कार्यक्रम, वाद-विवाद, संगोष्ठी, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां शामिल हैं।
विद्यालयों में 5 सितंबर से झंडियों का वितरण शुरू कर दान-संग्रह किया जाएगा। शिक्षा अधिकारियों, संस्था प्रधानों, शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी अभियान में सहयोग की अपील की गई है।

