विश्व प्रकृति दिवस पर एमजीएसयू में अंग्रेजी बाबुल उन्मूलन अभियान, एनसीसी कैडेट्स को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बीकानेर. विश्व प्रकृति दिवस के अवसर पर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में परिसर के पर्यावरण एवं स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा (अंग्रेजी बाबुल) के उन्मूलन का व्यापक अभियान चलाया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता को लेकर विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया गया।
कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छांगाणी ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
प्रो. छांगाणी ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल बचत, ऊर्जा संरक्षण, पौधारोपण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्लास्टिक के कम से कम उपयोग और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना मानव समाज के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। युवा पीढ़ी यदि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाए तो इसके व्यापक सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ से संवाद किया। कैडेट्स ने प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।

