बीकानेर में अनूठी पहल: नौ दिन, नौ स्वरूप, नौ दिन कन्या पूजन महोत्सव
बीकानेर. नवरात्रि में आमतौर पर नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है, लेकिन बीकानेर की वन्देमातरम मातृशक्ति टीम ने इस परंपरा को नई सोच के साथ आगे बढ़ाने की पहल की है। टीम की ओर से नवरात्रि के लगातार नौ दिनों तक शहर के अलग-अलग मोहल्लों में कन्या पूजन महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य कन्या सम्मान, नारी शक्ति और सनातन संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
महोत्सव का शुभारंभ पहले दिन बीकानेर में जेलवेल टंकी के पास स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर में हुआ। इस अवसर पर 21 कन्याओं का पूजन-अर्चन किया गया। कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका सम्मान किया गया और आशीर्वाद लिया गया।
कार्यक्रम में विजय कोचर, वन्देमातरम मातृशक्ति टीम की अध्यक्ष कामिनी विमल भोजक मैया, ममता सिंह, सूरज राठौड़, जसोदा खत्री, राजकुमारी व्यास और भवानी सुथार सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक कन्याओं का पूजन कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
नौ दिन कन्या पूजन का संकल्प
वन्देमातरम मातृशक्ति टीम की इस पहल की खास बात यह है कि कन्या पूजन को केवल नवमी के दिन तक सीमित रखने के बजाय नवरात्रि के सभी नौ दिनों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत शहर के अलग-अलग मोहल्लों में कन्या पूजन कार्यक्रम होंगे।
टीम का मानना है कि जब नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है, तो कन्याओं को भी मां का स्वरूप मानकर उनका पूजन और सम्मान किया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ नौ दिवसीय कन्या पूजन महोत्सव की शुरुआत की गई है।
कन्या सम्मान को संस्कार बनाने का संदेश
यह पहल केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में कन्याओं के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया जा रहा है। टीम का उद्देश्य है कि कन्या पूजन केवल एक दिन की धार्मिक परंपरा न रहकर जीवनभर कन्याओं के सम्मान का संस्कार बने।
वन्देमातरम मातृशक्ति टीम का मानना है कि जिस समाज में कन्याओं का सम्मान होता है, वहां संस्कार, संवेदना और संस्कृति की जड़ें मजबूत होती हैं। इसी उद्देश्य के साथ टीम ने नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक कन्या पूजन महोत्सव आयोजित करने का संकल्प लिया है।

