महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती पर पूजा-अर्चना, हवन और ध्वजारोहण
Bikaner News Dharm Karam

महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती पर पूजा-अर्चना, हवन और ध्वजारोहण

Oct 11, 2026

 

बीकानेर. महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती के उपलक्ष्य में बीकानेर में अग्रवाल समाज की ओर से विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर समाज के लोगों ने महाराजा अग्रसेन सर्किल पर पूजा-अर्चना कर महाआरती की और समाज की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। वहीं, अग्रवाल चेतना समिति की ओर से ध्वजारोहण और हवन का आयोजन किया गया।

 

 

 

महाराजा अग्रसेन सर्किल पर की पूजा-अर्चना

जयंती के अवसर पर अग्रवाल समाज के पुरुषों एवं महिलाओं ने महाराजा अग्रसेन सर्किल पहुंचकर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद महाराजा अग्रसेन की आरती कर समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

 

 

इस दौरान समाज के लोगों ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और विचारधारा को याद किया। साथ ही समाज में एकता, आपसी सहयोग, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

 

 

शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान समाज के सदस्यों ने महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा के क्षेत्र में जरूरतमंदों की मदद करने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने पर जोर दिया गया।

 

 

वक्ताओं ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उनके विचार समाज में समानता, सहयोग और सेवा की भावना को बढ़ावा देते हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इन आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक विकास में योगदान देना चाहिए।

 

 

अग्रवाल चेतना समिति में ध्वजारोहण और हवन

जयंती के अवसर पर अग्रवाल चेतना समिति की ओर से भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समिति परिसर में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद विधि-विधान के साथ हवन किया गया, जिसमें देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।

 

 

कार्यक्रम में समाज के सदस्यों ने सामाजिक, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, सेवा और जनकल्याण का संदेश दिया गया।

;