बीकानेर के देव अरस्तु पंचारिया को अंतरराष्ट्रीय सम्मान, पोलिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के सलाहकार बोर्ड में नियुक्त
बीकानेर। अंतरराष्ट्रीय विद्वत्ता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक, गणितज्ञ और विचारक Dev Arastu Panchariya को प्रतिष्ठित पत्रिका Filozofia i Nauka (फिलोजोफिया ई नौका – फिलॉसफी एंड साइंस) के सलाहकार बोर्ड में नियुक्त किया गया है। यह पत्रिका पोलैंड की शीर्ष वैज्ञानिक संस्था Polish Academy of Sciences (PAN) से संबद्ध है और इसे Ministry of Science and Higher Education, Poland का आधिकारिक समर्थन प्राप्त है।
सैद्धांतिक भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान और गणित के क्षेत्र में शोध करने वाले देव अरस्तु पंचारिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते हुए विद्वान के रूप में देखा जाता है। वे विज्ञान के साथ-साथ दर्शन की विभिन्न धाराओं—एनालिटिक, एप्लाइड और कॉन्टिनेंटल फिलॉसफी—को अर्थशास्त्र की ‘क्रिटिकल थ्योरी’ से जोड़ने के अपने विचारों के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति परिषद के वर्तमान बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के बाद की गई है, जिसे उनके बढ़ते वैश्विक बौद्धिक प्रभाव की आधिकारिक मान्यता माना जा रहा है।
विश्व के दिग्गज विद्वानों के बीच स्थान
इस प्रतिष्ठित परिषद में शामिल होकर पंचारिया विश्व के कई अग्रणी बुद्धिजीवियों की श्रेणी में आ गए हैं। इस बोर्ड में अन्य प्रमुख विद्वानों में Peter Boltuc (इलिनोइस विश्वविद्यालय व वारसॉ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स), Maria Jose Frapolli Sanz (ग्रेनाडा विश्वविद्यालय, स्पेन), Sofia Miguens (पोर्टो विश्वविद्यालय, पुर्तगाल) और Andrew Targowski (वेस्टर्न मिशिगन यूनिवर्सिटी) जैसे अंतरराष्ट्रीय विद्वान शामिल हैं।
सबसे युवा और पहले भारतीय
कई सदियों पुरानी शैक्षणिक परंपराओं और वरिष्ठता के कड़े मानदंडों के लिए प्रसिद्ध इस संस्था में पंचारिया अब तक के सबसे कम उम्र में नियुक्त सलाहकार बने हैं। साथ ही वे इस परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय भी हैं। इसे अंतरराष्ट्रीय अकादमिक जगत में एक “पीढ़ीगत बदलाव” के रूप में देखा जा रहा है, जो पारंपरिक विद्वत्ता और आधुनिक वैज्ञानिक चुनौतियों के बीच सेतु का कार्य करेगा।
नियुक्ति का महत्व
Polish Academy of Sciences पूर्वी यूरोप की प्रमुख वैज्ञानिक संस्था मानी जाती है और वैश्विक बौद्धिक अनुसंधान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके सलाहकार बोर्ड में शामिल होना किसी भी विद्वान के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। सलाहकार के रूप में देव अरस्तु पंचारिया वैज्ञानिक और दार्शनिक विमर्श के भविष्य के विकास में रणनीतिक सहयोग देंगे तथा यह दिशा तय करने में भूमिका निभाएंगे कि विज्ञान और दर्शन मानव की वास्तविकता की समझ को किस प्रकार आकार देते हैं।
बीकानेर के छोटे गांव से वैश्विक मंच तक
राजस्थान के बीकानेर जिले के छोटे से गांव सींथल से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक मंच तक पहुंचने का पंचारिया का सफर प्रेरणादायक माना जा रहा है। युवा उम्र में विश्वस्तरीय विद्वानों के बीच अपनी पहचान बनाना उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनाता है।

