बीकानेर में पहली बार विराट चैत्र नवरात्रि यज्ञ महामहोत्सव का भव्य आगाज़
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बीकानेर में पहली बार विराट चैत्र नवरात्रि यज्ञ महामहोत्सव का भव्य आगाज़

Mar 20, 2026

 

बीकानेर. शहर के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहे विराट चैत्र नवरात्रि शास्त्रोक्त यज्ञ महामहोत्सव का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। गंगाशहर रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में आयोजित इस दिव्य आयोजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं।

 

 

 

कृष्णगिरी शक्ति पीठाधीपति, जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि चैत्र नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण और जीवन में संतुलन स्थापित करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने हिंदू नववर्ष (नवसंवत्सर) के महत्व को बताते हुए कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से सृष्टि का नया चक्र प्रारंभ होता है और इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी।

 

 

 

उन्होंने कहा कि यह पर्व नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और जीवन में बदलाव का संदेश देता है। नवरात्रि के दौरान मंत्र जाप, ध्यान और साधना से मन और आत्मा को शक्ति मिलती है।

 

 

 

महामहोत्सव के दौरान सुबह साधना कक्ष में विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसमें काशी से आए विद्वान पंडितों के साथ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मंत्रोच्चारण किया। आयोजन में आगामी 11 दिनों तक विशेष साधना शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न बीज मंत्रों के जाप के साथ श्रद्धालु साधना करेंगे।

 

 

 

दोपहर सत्र में वैदिक विधि से नौ कुंडीय विराट यज्ञ की शुरुआत की गई, जिसमें करीब 7 हजार किलो मेवा, 10 हजार चंदन की लकड़ियां और 3 हजार किलो घी से आहुतियां दी जा रही हैं। यह यज्ञ शहर में अपनी तरह का सबसे बड़ा और अनूठा आयोजन माना जा रहा है।

 

 

बीकानेर पहुंचा दुर्लभ दिव्य शिवलिंग, दर्शन का विशेष अवसर

 

महामहोत्सव का एक विशेष आकर्षण विश्व ब्रह्माण्ड का दुर्लभ और सिद्ध शिवलिंग भी है, जिसे बीकानेर लाया गया है। बताया गया कि इस शिवलिंग को आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में पूज्य शंकर स्वामीजी ने 70 वर्षों तक कठोर साधना और 10 करोड़ मंत्र जाप से सिद्ध किया था।

जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस दिव्य शिवलिंग के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाएं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सायं काल में इस शिवलिंग का आठ घंटे तक विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से यह शिवलिंग बीकानेर की धरती पर पहुंचा है और इसके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।

इस भव्य आयोजन ने बीकानेर को एक बार फिर “छोटी काशी” की पहचान के अनुरूप आध्यात्मिक रंग में रंग दिया है, जहां श्रद्धा, भक्ति और साधना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।