पुनरासर मंदिर जीर्णोद्धार हेतु भव्य कार्यशाला, शिला पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
Bikaner News Dharm Karam

पुनरासर मंदिर जीर्णोद्धार हेतु भव्य कार्यशाला, शिला पूजन के साथ हुआ शुभारंभ

Mar 21, 2026

बीकानेर। चैत्र शुक्ल द्वितीया, विक्रम संवत 2083 के पावन अवसर पर पुनरासर मंदिर में श्री पुनरासर हनुमान जी ट्रस्ट बीकानेर (कोलकाता) के तत्वावधान में मंदिर जीर्णोद्धार हेतु भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर निर्माण के लिए विधिवत शिला पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

 

 

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ताराचंद सारस्वत (विधायक, श्रीडूंगरगढ़) ने शिला पूजन कर मंदिर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पुनरासर का भव्य मंदिर ट्रस्ट, ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से ही साकार होगा। उन्होंने भाव व्यक्त किया कि “मंदिर निर्माण स्वयं बालाजी की प्रेरणा से होगा, हम सभी तो मात्र निमित्त हैं।” साथ ही उन्होंने पुनरासर गांव की समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर जीर्णोद्धार से क्षेत्र का विकास और बढ़ेगा।

 

 

 

कार्यक्रम में ट्रस्ट के ट्रस्टीगण— मोटू हर्ष, बजरंग लाल परिक, सम्पत पारीक, तुलसीदास पुरोहित, राजेश लदरेचा, डॉ. गिरिराज हर्ष, सुभाष आचार्य एवं जगदीश पारिक—द्वारा मुख्य अतिथि सहित सरपंच माननाथ सिद्ध, पुजारी डालचंद जी, शिल्पकार नरेंद्र सोनगरा, भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष हेमनाथ जाखड़, महंत प्रेमनाथ जी तथा सेरूणा थाना प्रभारी संध्या विश्नोई का शॉल, साफा व दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।

 

 

मुख्य वक्ता के रूप में सरपंच माननाथ सिद्ध एवं श्री जगदीश पारिक ने ग्रामवासियों की ओर से मंदिर निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। ट्रस्ट की ओर से डॉ. गिरिराज हर्ष ने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि जैसे भगवान हनुमान जी ने संकल्प के साथ समुद्र पार किया, उसी प्रकार यह निर्माण कार्य भी निरंतर गति से पूर्ण किया जाए, ताकि आगामी विक्रम संवत 2084 की प्रतिपदा को नव-निर्मित मंदिर का भव्य उद्घाटन किया जा सके।

 

 

 

इस अवसर पर ट्रस्टी तुलसीदास पुरोहित, सम्पत पारिक एवं  सुभाष आचार्य ने भी मंदिर जीर्णोद्धार के लिए सहयोग की अपील की

 

 

कार्यशाला में पुनरासर गांव के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें डिलूराम सिंवर, रूपनाथ, मुन्नीनाथ, आशाराम पारिक, हरिदास स्वामी, रामप्रताप गोदारा, चेतनराम मेघवाल एवं पूनमचंद स्वामी सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर निर्माण में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।