बीकानेर में एसपी मृदुल कच्छावा ने शुरू किया “ऑपरेशन नीलकंठ”, नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ अवैध संपत्तियां भी होगी जब्त
बीकानेर. जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए बीकानेर पुलिस एक व्यापक अभियान “ऑपरेशन नीलकंठ” शुरू करने जा रही है। इस अभियान की कमान जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के हाथों में होगी।
यह अभियान केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क—उत्पादन, सप्लाई, वितरण और आर्थिक जड़ों—को खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
डबल रणनीति: जागरूकता और सख्त प्रवर्तन
बीकानेर पुलिस ने इस अभियान को दो मजबूत स्तंभों—जागरूकता और प्रवर्तन (Enforcement)—पर आधारित किया है, जिससे समाज और अपराध दोनों पर एक साथ प्रभाव डाला जा सके।
युवाओं को जागरूक करने का अभियान
अभियान के तहत जिले के सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों और चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित करें।
गांवों, शहरी बस्तियों, विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्परिणाम और एनडीपीएस एक्ट के कानूनी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
हर थाना स्तर पर हर महीने कम से कम 2 से 3 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना अनिवार्य होगा, साथ ही इनका डिजिटल और लिखित रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई, आदतन अपराधियों पर नजर
पुलिस पुराने और सक्रिय नशा तस्करों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों की लगातार निगरानी करेगी। दोबारा अपराध में लिप्त पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध संपत्तियों पर प्रहार
नशे के कारोबार से अर्जित मकान, दुकान, जमीन, वाहन और बैंक खातों की पहचान कर उन्हें जब्त या फ्रीज किया जाएगा। हर मामले में वित्तीय जांच अनिवार्य की गई है।
अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटेंगे
नशा तस्करों द्वारा किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित होगा।
सख्त निगरानी और जवाबदेही
अभियान की मॉनिटरिंग थाना, वृत्त, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसपी कार्यालय स्तर पर की जाएगी।
साप्ताहिक और मासिक समीक्षा बैठकों के जरिए प्रगति का आकलन होगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
“ऑपरेशन नीलकंठ रजिस्टर” होगा अनिवार्य
हर थाना में एक विशेष रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें चिन्हित अपराधियों, की गई कार्रवाई, जब्त संपत्तियों और जागरूकता कार्यक्रमों का पूरा विवरण दर्ज होगा। साथ ही सभी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
एसपी का स्पष्ट संदेश
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने साफ कहा है कि यह अभियान नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई है, जिसे पूरी सख्ती और प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाएगा।

