पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई बने मिसाल, जरूरतमंद बालिका की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

बीकानेर। शहर में मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने आर्थिक संकट से जूझ रही एक जरूरतमंद बालिका की पढ़ाई का जिम्मा उठाकर उसे नए सपनों की उड़ान दी है।
जानकारी के अनुसार सुमन नाम की बालिका के पिता का करीब आठ माह पूर्व निधन हो गया था। परिवार पर आए इस संकट के बाद घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई, जिसके चलते सुमन की पढ़ाई रुकने की कगार पर पहुंच गई। लेकिन पढ़ाई के प्रति उसके जुनून और कुछ बनने की इच्छा ने उसे हार मानने नहीं दी।
इसी उम्मीद के साथ सुमन ने पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई से संपर्क कर अपनी परेशानी साझा की। बालिका की स्थिति जानकर विश्नोई ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने सुमन को दसवीं कक्षा की नई किताबों का पूरा सेट और कॉपियां उपलब्ध करवाईं, साथ ही उसकी स्कूल फीस भी जमा करवाई, ताकि वह बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
मनोज विश्नोई ने सुमन को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करे और बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाकर अपने सपनों को साकार करे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में पढ़ाई से जुड़ी किसी भी जरूरत के लिए वे हमेशा उसके साथ खड़े रहेंगे।
स्थानीय लोगों ने विश्नोई के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। यह पहल न केवल एक बालिका के भविष्य को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक संदेश को भी मजबूत करती है।
पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई का यह कदम यह साबित करता है कि अगर समाज में संवेदनशील लोग आगे आएं, तो कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

