कक्षा 9 से 12 की चार किताबें हटाई गईं, अब स्कूलों में नहीं पढ़ाई जाएंगी
बीकानेर। शैक्षिक सत्र 2026-27 से जिले के स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक की चार पुस्तकों को पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद अब इन पुस्तकों का अध्ययन किसी भी विद्यालय में नहीं कराया जाएगा।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, बीकानेर ने इस संबंध में सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ विद्यालयों में यह सुनिश्चित करें कि हटाई गई पुस्तकों का अध्यापन बिल्कुल न हो। साथ ही सभी स्कूलों को तत्काल इस बदलाव की जानकारी देने और सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आसान भाषा में समझें तो “विलोपन” का अर्थ है—किसी चीज़ को पाठ्यक्रम या सूची से पूरी तरह हटा देना। यानी जिन किताबों का विलोपन हुआ है, वे अब विद्यार्थियों को नहीं पढ़ाई जाएंगी और उनकी जगह नए या संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन कराया जाएगा।
विभाग द्वारा जिन पुस्तकों को हटाया गया है, उनमें कक्षा 9 की “राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परम्परा”, कक्षा 10 की “राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति”, कक्षा 11 की “आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग-1” तथा कक्षा 12 की “आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग-2” शामिल हैं। ये सभी पुस्तकें अब नए सत्र में पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं रहेंगी।
यह निर्णय माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के तहत लिया गया है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाता है ताकि विद्यार्थियों को नवीन और प्रासंगिक जानकारी मिल सके। इसी क्रम में इन पुस्तकों को हटाकर पाठ्यक्रम को अपडेट किया गया है।
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके लिए स्कूलों में नई पुस्तकों और वैकल्पिक अध्ययन सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षकों को भी नए पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षण कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय के बाद अब जिले के स्कूलों में अद्यतन पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई होगी, जिससे विद्यार्थियों को नई जानकारी और बेहतर शैक्षणिक दिशा मिलने की उम्मीद है।

