पुष्करणा दिवस पर मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन, महाआरती और भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
बीकानेर. पुष्करणा समाज की कुलदेवी मां उष्ट्रवाहिनी का प्राकट्य दिवस बुधवार को पुष्करणा दिवस के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुरलीधर व्यास नगर रोड स्थित मां उष्ट्रवाहिनी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, शृंगार और महाआरती की गई।
श्रावण शुक्ल त्रयोदशी पर राजस्थान पुष्टिकर यूथ विंग की ओर से मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित अशोक बिस्सा एवं पंडित शांति स्वरूप के सान्निध्य में हुआ। विधि-विधान से मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन करने के बाद विशेष शृंगार किया गया। मां को भोग अर्पित कर महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
आयोजन से जुड़े अरुण आचार्य ने बताया कि शाम को आचार्य राजेंद्र किराडू के आचार्यत्व में वेदपाठी पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया, जिससे मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में सांवरलाल रंगा सहित अन्य कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
महाआरती में राजस्थान पुष्टिकर यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजी बिस्सा, उपाध्यक्ष गिरिराज बिस्सा, महामंत्री सुभाष जोशी, प्रदेशाध्यक्ष जयनारायण बिस्सा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरिशंकर आचार्य सहित पुष्करणा समाज के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
‘आया सावन झूम के’ में महिलाओं ने दीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
पुष्करणा प्रन्यास की ओर से पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित मेले के दौरान महिलाओं के लिए ‘आया सावन झूम के’ कार्यक्रम हुआ। संयोजक राजकुमारी व्यास ने बताया कि विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने राजस्थानी और पारंपरिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत हर्षिता व्यास की गणेश वंदना से हुई।
कार्यक्रम में अर्चना थानवी, शारदा पुरोहित और पूर्णिमा व्यास अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। संचालन सेनूका हर्ष ने किया। समापन पर गोकुल जोशी, चंद्रेश हर्ष, जगमोहन हर्ष, बीजी बिस्सा, डॉ. सुनील हर्ष, सीपी बोहरा और शेखर आचार्य ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले लोगों का भी सम्मान किया गया।

