शुष्क इलाके में भी पशुओं के अब मिलेगा हरा चारा, सिर्फ पानी में उगती है यह घास, खाने के कई फायदे
बीकानेर. अब किसानों को कम खर्च, कम जगह और कम समय में पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध हो सकेगा. सुनने में भले ही अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि पश्चिमी राजस्थान जैसे शुष्क इलाके में भी अब पशुओं को पूरे साल
राजस्थान का एकमात्र महाराजा जो तीन बार लंदन के गोलमेज सम्मेलन में भाग ले चुके, भारतीय रियासतों का प्रतिनिधित्व किया
बीकानेर. राजस्थान में कई राजा महाराजा की वीर गाथा आपको सुनने को मिल जाएगी, लेकिन एक ऐसे महाराजा रहे है जिन्होंने लंदन में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. हम बात कर रहे है बीकानेर के महाराजा गंगासिंह की. बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह
नायिका अपने प्रियतम को विदेश जाने से रोकने के लिए बीकानेरी शैली में हर माह की खासियत बताती
बीकानेर. भारतीय चित्रकला में मौसम, फसल एवं ऋतुओं के बदलते पेड़-पौधों को चित्रित करने की पुरानी परम्परा रही है. बारहमासा के चित्र भी उसी परम्परा का हिस्सा है. यह बारहमासा के चित्र बीकानेरी शैली में बने हुए है. इस शैली में नायक नायिका
धधकते अंगारों पर इस समाज के लोग करते है डांस, अग्नि नृत्य के पीछे की यह है कहानी…
बीकानेर. बीकानेर की कला व संस्कृति पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान रखती है. यहां का अग्नि नृत्य भी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है. यहां एक समाज के लोग धधकते अंगारों पर चलते हैं और इन अंगारों को मुंह में भी लेते हैं.
विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां 20 हजार से ज्यादा चूहे हैं, असीम आस्था का केंद्र है करणी माता मंदिर
बीकानेर (Bikaner) जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दक्षिण दिशा में देशनोक (Deshnok) विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां 20 से 25 हजार से ज्यादा चूहे (Rats) हैं. यहां में सफेद चूहों का दर्शन शुभ माना जाता है. भक्त इन चूहों को ‘काबा’

