बीकानेर. राज्य में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुचारु रूप से पूरा करने के उद्देश्य से सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
इसको लेकर प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के संयुक्त शासन सचिव अरुण प्रकाश शर्मा ने आदेश जारी किया है.
आदेश के अनुसार इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर लगाया गया प्रतिबंध अब 21 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम प्रकाशन तिथि 14 फरवरी से बढ़ाकर 21 फरवरी करने के बाद लिया गया है।
पूर्व में विभागीय आदेश दिनांक 3 नवंबर 2025 से इन कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाई गई थी, जिसे पहले 7 फरवरी 2026 तक और फिर 14 फरवरी 2026 तक बढ़ाया गया था। अब पुनरीक्षण कार्यक्रम की नई समयसीमा को देखते हुए प्रतिबंध की अवधि भी बढ़ा दी गई है ताकि सूची संशोधन और अंतिम प्रकाशन का कार्य बिना किसी प्रशासनिक व्यवधान के पूरा हो सके।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के स्थानान्तरण के प्रस्ताव भेजे जा सकेंगे। इसके लिए आयोग अथवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यानी सामान्य परिस्थितियों में तबादलों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संयुक्त शासन सचिव अरूण प्रकाश शर्मा द्वारा जारी इस आदेश को चुनावी तैयारियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे और मतदाता सूची का कार्य समय पर और त्रुटिरहित ढंग से पूरा हो।