पंडित महेंद्र व्यास बोले- 2 मार्च की शाम को होलिका दहन करना सर्वोत्तम
Bikaner News Dharm Karam

पंडित महेंद्र व्यास बोले- 2 मार्च की शाम को होलिका दहन करना सर्वोत्तम

Feb 27, 2026

बीकानेर. होलिका दहन की तिथि और मुहूर्त को लेकर शहर में मत-मतांतर का दौर जारी है। जहां दो दिन पहले कुछ पंचांगकर्ताओं एवं पंडितों ने 3 मार्च की अलसुबह होलिका दहन का शास्त्रसम्मत मुहूर्त बताया था, वहीं शुक्रवार को पंडित महेंद्र व्यास ने 2 मार्च की शाम को ही होलिका दहन करना सर्वोत्तम बताया है।

रताणी व्यासों की बगेची में आयोजित पत्रकार वार्ता में पं. महेंद्र व्यास ने बताया कि निर्णय सागर पंचांग सहित कई पंचांगों में स्पष्ट उल्लेख है कि भद्रा प्रारंभ होने के बाद प्रदोष काल में भी होलिका दहन किया जा सकता है। उनके अनुसार 2 मार्च को शाम 6:38 बजे से रात 9 बजे तक होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।

 

 

 

उन्होंने कहा कि 3 मार्च की अलसुबह होलिका दहन करना भी शास्त्रों के अनुसार गलत नहीं है, लेकिन उसी दिन सुबह 6:39 बजे ग्रहण का सूतक लगने से गणगौर पूजन करने वाली कन्याओं और महिलाओं को पूजा करने में कठिनाई होगी। ऐसे में धार्मिक दृष्टि से 2 मार्च को होलिका दहन तथा 3 मार्च को धुलंडी पर्व मनाना अधिक उपयुक्त रहेगा।

 

 

 

पत्रकार वार्ता के दौरान पं. भगवान दास व्यास भी मौजूद रहे। पंडित व्यास ने अपने मत के समर्थन में विभिन्न पंचांगों और शास्त्रों के तर्क भी पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत किए।