छोटीकाशी में स्वर्ग सरीखे पांडाल में गूंजा शक्ति आध्यात्मिक महोत्सव, जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में भक्ति का सागर

बीकानेर। छोटीकाशी में इन दिनों चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गंगाशहर रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में आयोजित विराट शक्ति आध्यात्मिक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम बना हुआ है।
तमिलनाडु के विश्व विख्यात श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम, कृष्णगिरी के शक्तिपीठाधीपति पूज्यपाद वसंत विजयानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव ने हजारों श्रद्धालुओं को दैवीय अनुभूति से सराबोर कर दिया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा पूर्व विधानसभा की विधायक सिद्धि कुमारी ने भी शिरकत कर पूज्य जगद्गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला बताया। इस दौरान ट्रस्ट मंडल द्वारा उनका स्वागत सत्कार भी किया गया।
दान, भक्ति और साधना का महत्व बताया
जगद्गुरु श्रीजी ने श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप का विस्तृत वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, तप और संयम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा के लिए इंद्रियों पर नियंत्रण आवश्यक है। साथ ही दान और पात्रता के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि दानी बनने और पात्रता बढ़ाने से जीवन में धन, सुख, ऐश्वर्य, यश और कीर्ति की वृद्धि होती है।
उन्होंने कृष्णगिरी की पाताल लोक की पटरानी मां पद्मावती की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि उनके नाम में अनंत शक्ति है, जो इस जन्म में समृद्धि और अगले जन्म में मोक्ष प्रदान करती है।
मंत्री मेघवाल ने गाया भजन
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे भक्तिमय आयोजन समाज में संस्कार, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरण को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मंच से देशनोक की मां करणी का भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। पूज्य गुरुदेव ने उन्हें राष्ट्र कल्याण और जनसेवा के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
महायज्ञ, हवन और महाभिषेक से अलौकिक ऊर्जा
महोत्सव के दौरान नौ कुंडीय हवन, श्री महालक्ष्मी महायज्ञ और अतिदिव्य सिद्ध शिवलिंग के महाभिषेक का क्रम निरंतर जारी है। वैदिक मंत्रों और बीज मंत्रों के साथ आहुतियां दी जा रही हैं, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक वातावरण में भाग लेकर लाभान्वित हो रहे हैं।
सुबह के सत्र में देवी-देवताओं की विधिवत पूजा, भोग, श्रृंगार आरती और सामूहिक जाप साधना आयोजित की जा रही है। दोपहर में देवी के हजार नामों के जाप और वैदिक मंत्रों की गूंज से वातावरण और भी दिव्य हो जाता है।
आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का प्रयास
आयोजन से जुड़े कुनाल कोचर ने बताया कि यह ग्यारह दिवसीय महोत्सव समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी पूज्य जगद्गुरु श्रीजी के अधिकृत यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया जा रहा है।
इस अवसर पर मोहन सुराणा, नरेश नायक, सुखचैन नायक, बसंत नवलखा, सुरेंद्र कोचर, विमल पारीक, हरिप्रसाद शर्मा, सुमन छाजेड़, नारायण चौपड़ा, सत्यप्रकाश आचार्य, गुमान सिंह राजपुरोहित, गोपाल अग्रवाल, किशोर आचार्य, श्रीपाल नाहटा और रवि रामपुरिया सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

