अलौकिक दैविक पांडाल में सजी दिव्यता, देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के दर्शन से श्रद्धालु अभिभूत
बीकानेर। संभाग मुख्यालय के गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता के अद्भुत संगम का साक्षी बना हुआ है। तमिलनाडु के कृष्णगिरी स्थित जगप्रसिद्ध श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ सिद्ध धाम के तत्वावधान में आयोजित चैत्र नवरात्रि महोत्सव ने यहां आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा वातावरण निर्मित कर दिया है।
पूज्य जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में सजे अलौकिक दैविक पांडाल में 15 अस्थाई मंदिरों की भव्य स्थापना की गई है। इन मंदिरों में विभिन्न देवी-देवताओं की दिव्य प्रतिमाएं विराजमान हैं, जिनके दर्शन मात्र से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं। साथ ही यहां स्थापित अतिदिव्य चमत्कारी सिद्ध शिवलिंग भक्तों के कष्टों का निवारण करने वाला माना जा रहा है।
नवरात्रि के इस महोत्सव में नौ कुंडीय श्री महालक्ष्मी यज्ञ विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वैदिक दुर्लभ बीज मंत्रों की गूंज के बीच यज्ञ में आहुतियां दी जा रही हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। श्रद्धालु यहां साधना कक्ष में विशेष यंत्रों को सिद्ध कर पुण्य और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
शाम के समय विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं, वहीं रात्रि में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा का रसपान पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से किया जा रहा है।
प्रवचन के दौरान जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने मां कुष्मांडा के स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि जब सृष्टि में चारों ओर अंधकार था, तब मां ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। उन्होंने बताया कि भगवती मां के हृदय में प्रज्वलित अखंड दीप युगों-युगों से भक्तों की रक्षा करता आया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सच्ची प्रार्थना केवल विश्वास रखने वालों पर ही फलित होती है। मंदिर या संत के समक्ष हाथ जोड़ने से मन, मस्तिष्क और आत्मा का संतुलन बनता है तथा दैविक ऊर्जा का संचार होता है।
महोत्सव के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। “दरबार हजारों हैं, ऐसा दरबार कहां…”, “जिसने सच्चे मन से मां को पुकारा…” जैसे भजनों पर पूरा पांडाल तालियों की गूंज से गूंज उठा।
ट्रस्टी डॉ. संकेश छाजेड़ के अनुसार, आयोजन स्थल पर तीनों समय विविध प्रकार के व्यंजनों की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है। साथ ही इस भव्य आयोजन का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल ‘थॉट योगा’ पर भी किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु भी इस आध्यात्मिक महोत्सव से जुड़ पा रहे हैं।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर बीकानेर में सजा यह अलौकिक दैविक पांडाल श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और दिव्यता का अद्भुत केंद्र बन गया है।

