आज है साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात: आर्द्रा प्रवेश के साथ वर्षा ऋतु का आगाज, अच्छे मानसून की उम्मीद
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आज है साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात: आर्द्रा प्रवेश के साथ वर्षा ऋतु का आगाज, अच्छे मानसून की उम्मीद

Jun 21, 2026

 

बीकानेर. 21 जून को वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात रही। इस दिन दिन की अवधि लगभग 13 घंटे 41 मिनट तथा रात 10 घंटे 19 मिनट की होगी। खगोलीय दृष्टि से इसे ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) कहा जाता है। इस समय सूर्य की किरणें उत्तरी गोलार्ध पर सबसे अधिक समय तक पड़ती हैं, जिसके कारण दिन सबसे लंबा होता है।

 

 

 

ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह समय विशेष महत्व रखता है। 22 जून को सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश होगा, जिसे वर्षा ऋतु के आगमन का संकेत माना जाता है। मान्यता है कि आर्द्रा से लेकर हस्त नक्षत्र तक के आठ वर्षा नक्षत्र लगभग 120 दिनों के वर्षाकाल के दौरान मानसून की स्थिति और वर्षा के स्वरूप का संकेत देते हैं।

 

 

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग, भद्र राजयोग तथा जल कारक योग का निर्माण हो रहा है। इन योगों को वर्षा के लिए शुभ माना जा रहा है। विशेष रूप से मघा, पुष्य और अश्लेषा नक्षत्र में अच्छी वर्षा की संभावना व्यक्त की जा रही है।

 

 

 

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा नक्षत्रों के दौरान अनुकूल बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई, अंकुरण और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पर्याप्त वर्षा से जलाशयों का जलस्तर बढ़ने, भूजल पुनर्भरण तथा किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

 

 

हालांकि, मौसम वैज्ञानिक स्पष्ट करते हैं कि मानसून का वास्तविक पूर्वानुमान वैज्ञानिक आंकड़ों, उपग्रहों, समुद्री तापमान, वायुदाब और अन्य मौसमीय कारकों के आधार पर किया जाता है। वहीं वर्षा नक्षत्रों का महत्व भारतीय परंपरा और ज्योतिषीय मान्यताओं से जुड़ा हुआ है।

 

 

इस प्रकार खगोल विज्ञान के अनुसार 21 जून सबसे लंबे दिन का प्रतीक है, जबकि भारतीय परंपरा में आर्द्रा प्रवेश वर्षा ऋतु के शुभारंभ और अच्छे मानसून की आशा का संकेत माना जाता है।