राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ में अनियमितताओं के आरोप, पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर उठे सवाल
Bikaner News Sports

राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ में अनियमितताओं के आरोप, पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर उठे सवाल

Apr 4, 2026

 

बीकानेर। राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ में कथित अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों को लेकर खिलाड़ियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसको लेकर शनिवार को जिला बॉडी बिल्डिंग संघ के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता की। प्रेसवार्ता में जिला बॉडी बिल्डिंग संघ के अध्यक्ष अरुण व्यास ने बताया कि खिलाड़ियों और जिला स्तर के प्रतिनिधियों ने संघ के पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 

 

ऐसे में आगामी 5 अप्रैल को बीकानेर में प्रस्तावित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता को लेकर भी विवाद सामने आया है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रति खिलाड़ी शुल्क लिया जा रहा है, जबकि आयोजन का खर्च स्थानीय संस्था द्वारा वहन किया जा रहा है। व्यास ने बताया कि मनमाने तरीके से खिलाड़ियों से शुल्क लिया जा रहा है।

 

व्यास का साफ कहना है कि हमें खेल और प्रतियोगिता से नाराजगी नहीं है बल्कि एक व्यक्ति द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क लिया जा रहा है।

 

 

खिलाड़ियों का आरोप है कि वर्ष 2016 में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा संघ की मान्यता समाप्त किए जाने के बावजूद भी संघ की गतिविधियां जारी रखी जा रही हैं। उनका कहना है कि इस कारण पिछले कई वर्षों से खिलाड़ियों को मिलने वाला दैनिक भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं बंद हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

 

व्यास ने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा वर्ष 2025 में जांच के बाद संघ पर तदर्थ समिति नियुक्त की गई थी और उस समय के पदाधिकारियों को अयोग्य घोषित किया गया था। इसके बावजूद भी आरोप है कि नवीन यादव द्वारा कथित रूप से संघ के कार्यों का संचालन किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों और जिला संघों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

 

 

खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभिन्न प्रतियोगिताओं और चयन ट्रायल के नाम पर खिलाड़ियों से शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि इसके लिए संबंधित व्यक्ति अधिकृत नहीं हैं। साथ ही कुछ खिलाड़ियों ने यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता की राशि नहीं मिलने की शिकायत भी उठाई है।

 

 

इस पूरे मामले को लेकर खिलाड़ियों ने खेल मंत्री, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद और सहकारिता विभाग से हस्तक्षेप कर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पारदर्शी व्यवस्था लागू कर खिलाड़ियों को अन्य खेलों की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।