गुल्लक के पैसों से खरीदीं पानी की टंकियां, नक्षिता के जन्मदिन पर बच्चों ने पक्षियों को दिया जीवनदान
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गुल्लक के पैसों से खरीदीं पानी की टंकियां, नक्षिता के जन्मदिन पर बच्चों ने पक्षियों को दिया जीवनदान

Jun 3, 2026

बीकानेर। आज के दौर में जहां जन्मदिन का मतलब केक, उपहार और मनोरंजन तक सीमित होता जा रहा है, वहीं बीकानेर की नन्हीं बालिका नक्षिता अग्रवाल ने अपने जन्मदिवस को सेवा, संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। नक्षिता के जन्मदिन के अवसर पर बच्चों ने अपनी गुल्लकों में जमा की गई बचत से सीमेंट की पांच पानी की टंकियां खरीदकर रेस्क्यू सेंटर को भेंट कीं, ताकि भीषण गर्मी में पक्षियों को स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा सके।

 

 

बच्चों की इस अनूठी पहल के तहत सीमेंट की टंकियों को ऐसे स्थानों पर रखा जाएगा जहां पक्षियों का आवागमन अधिक रहता है। इन्हें पेड़ों की छांव के नीचे स्थापित कर नियमित रूप से पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी। बढ़ती गर्मी और जल स्रोतों की कमी के बीच यह प्रयास पक्षियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

 

 

इस सराहनीय कार्य में दिविम, विवान, यति, कविश और प्रंकित सहित अन्य बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने लंबे समय से अपनी गुल्लकों में पैसे जमा किए थे और जन्मदिन पर उन्हीं पैसों का उपयोग किसी अच्छे कार्य के लिए करने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि जन्मदिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी दिन होना चाहिए।

 

 

नक्षिता का परिवार भी लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय है। उनके पिता एक समर्पित पर्यावरण प्रेमी हैं, जिन्होंने व्यास कॉलोनी से सांगलपुरा रोड क्षेत्र में लगभग 215 पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इनमें से कई पौधे अब बड़े पेड़ों का रूप लेने लगे हैं। विशेष बात यह है कि वे पिछले पांच वर्षों से इन पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण भी कर रहे हैं। परिवार के इन्हीं संस्कारों का प्रभाव बच्चों की सोच और कार्यों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

 

 

रेस्क्यू सेंटर के प्रभारी सीताराम स्वामी ने बच्चों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब बचपन से ही बच्चों में जीवों के प्रति दया, प्रकृति के प्रति प्रेम और समाज सेवा के संस्कार विकसित किए जाते हैं, तो वे आगे चलकर समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकती हैं।

 

 

उन्होंने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि यह पहल अन्य बच्चों और परिवारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उपस्थित लोगों ने भी बच्चों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण, पक्षी सेवा और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

 

नक्षिता के जन्मदिवस पर किया गया यह सेवा कार्य यह संदेश देता है कि सच्ची खुशी केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में राहत और मुस्कान लाने में है। बच्चों की यह पहल आने वाली पीढ़ी के लिए संवेदनशीलता, पर्यावरण प्रेम और जीव सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी है।