9 महीने से नियुक्ति आदेश का इंतजार, शिक्षा निदेशालय के बाहर धरने पर बैठे चयनित अभ्यर्थी
बीकानेर. रीट-2022 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (लेवल-2) विशेष शिक्षा (विज्ञान-गणित) के चयनित अभ्यर्थी पिछले नौ महीने से नियुक्ति आदेश का इंतजार कर रहे हैं। नियुक्ति में हो रही देरी के विरोध में अभ्यर्थी पिछले एक सप्ताह से शिक्षा निदेशालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।
धरनार्थियों का कहना है कि दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक अंतिम नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इससे चयनित अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है और वे चयनित होने के बावजूद बेरोजगार बने हुए हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग के विभिन्न स्तरों पर पत्राचार के कारण जिला आवंटन और नियुक्ति प्रक्रिया लगातार लंबित है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ओर वे नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई सरकारी विद्यालयों में विज्ञान-गणित विषय के शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दी जानी चाहिए।
शिक्षा निदेशक की अनुशंसा के बाद भी नहीं हुई नियुक्ति
अभ्यर्थियों के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को तत्कालीन शिक्षा निदेशक सीताराम जाट 58 अप्रभावित अभ्यर्थियों को जिला आवंटन एवं नियुक्ति आदेश जारी कर सकते थे, लेकिन इसके बजाय शासन से अनुमति मांगी गई। उनका कहना है कि 80 चयनित अभ्यर्थियों में से कम से कम 58 अप्रभावित अभ्यर्थियों को भी अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने या चयनित अभ्यर्थियों को बाहर करने का कोई निर्देश नहीं दिया है। इसी भर्ती के परिणाम के बाद विभाग पहले भी तीन चरणों में नियुक्तियां कर चुका है, जबकि न्यायालय में मामला पहले से विचाराधीन था।
बिना शर्त नियुक्ति की मांग
धरनारत अभ्यर्थियों ने न्यायालयीन निर्णय जैसी किसी शर्त के बिना सभी चयनित अभ्यर्थियों को पूर्ण नियुक्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने रीट-2022 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (लेवल-2) विशेष शिक्षा (विज्ञान-गणित) का परिणाम 10 अक्टूबर 2025 को जारी किया था, लेकिन करीब 10 महीने बाद भी नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने से वे अपने अधिकार और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं।

