गुरु ही जीवन का पथप्रदर्शक, एमजीएसयू में गुरुवंदन कार्यक्रम के साथ हुआ वृक्षारोपण
बीकानेर. महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में ‘गुरुवंदन कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर महासंघ के ‘एक शिक्षक–एक वृक्ष’ अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महासंघ के पश्चिम क्षेत्र प्रमुख एवं संगठन मंत्री प्रो. दिग्विजय सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रो. उज्ज्वल गोस्वामी, विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष डॉ. संतोष कंवर शेखावत तथा इकाई सचिव डॉ. उमेश शर्मा ने मां सरस्वती एवं महर्षि वेदव्यास के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. उज्ज्वल गोस्वामी ने गुरु-शिष्य परंपरा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए महर्षि वेदव्यास के जीवन, कृतित्व और भारतीय ज्ञान परंपरा में उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कारों के विकास और जीवन मूल्यों का संवाहक होता है। साथ ही उन्होंने महासंघ की कार्यप्रणाली एवं राष्ट्रीय विचारधारा पर भी विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य अतिथि प्रो. दिग्विजय सिंह ने कहा कि गुरु जीवन में नैतिकता, संस्कार और चरित्र निर्माण का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपनी क्षमता और पुरुषार्थ से असंभव को भी संभव बना सकता है, लेकिन सही दिशा और मार्गदर्शन के लिए योग्य गुरु का सान्निध्य आवश्यक है। उन्होंने महर्षि भर्तृहरि के नीति साहित्य का उल्लेख करते हुए श्रेष्ठ गुरु और सच्चे मित्र के गुणों पर भी प्रकाश डाला।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अभिषेक वशिष्ठ ने गुरुवंदन कार्यक्रम की समकालीन प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि जिस प्रकार जीपीएस अपरिचित मार्ग पर सही दिशा देता है, उसी प्रकार गुरु जीवन के हर मोड़ पर व्यक्ति को उचित मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने परमहंस योगानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए गुरु के आध्यात्मिक एवं मानवीय महत्व को रेखांकित किया।
विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष डॉ. संतोष कंवर शेखावत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए भारतीय दर्शन और संस्कृति में गुरु परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने भारतीय समाज, सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण एवं मूल्याधारित जीवन के निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के अंत में इकाई सचिव डॉ. उमेश शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में गुरु परंपरा की सतत प्रासंगिकता पर बल दिया।
इसके बाद ‘एक शिक्षक–एक वृक्ष’ अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। इस दौरान प्रो. दिग्विजय सिंह, प्रो. उज्ज्वल गोस्वामी, डॉ. अभिषेक वशिष्ठ, प्रो. राजाराम चोयल सहित अन्य शिक्षकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित परिसर निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष प्रो. नरेन्द्र कुमावत, प्रो. अनिल छंगाणी, डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. प्रगति सोबती, डॉ. फौजा सिंह, डॉ. प्रभुदान चारण, डॉ. यशवंत गहलोत, विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

