एमजीएसयू में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
बीकानेर. राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की प्रेरणा से आयोजित ‘विशाल पौधारोपण कार्यक्रम’ के तहत महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) परिसर में राममनोहर लोहिया भवन स्थित पार्क में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज़ एवं एलुम्नाई सेल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान कुलसचिव यशपाल आहूजा, वित्त नियंत्रक देवेंद्र सिंह राठौड़, वृक्षारोपण प्रभारी प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, उप कुलसचिव डॉ. विट्ठल बिस्सा, सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज़ की निदेशक डॉ. सीमा शर्मा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, पूर्व विद्यार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सभी ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण एवं विश्वविद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण का संदेश दिया। इस दौरान लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि पेड़-पौधे भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं और इनका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज़ एवं एलुम्नाई सेल की संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका के साथ पूर्व विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय के विकास में योगदान भी महत्वपूर्ण है।
कुलसचिव यशपाल आहूजा ने कहा कि राज्यपाल के पर्यावरण संरक्षण संबंधी विजन को धरातल पर उतारने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करेगा। वित्त नियंत्रक देवेंद्र सिंह राठौड़ ने अधिक से अधिक पौधारोपण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित रखने के साथ परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
एलुम्नाई सेल के निदेशक प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने जैव विविधता एवं सतत विकास के लिए पौधारोपण को जरूरी बताते हुए कहा कि पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। वहीं डॉ. सीमा शर्मा ने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एलुम्नाई एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह, सह-सचिव तुलछा राम, सदस्य कृष्ण जाट, डॉ. संदीप सहित अनेक पूर्व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अंत में डॉ. सीमा शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

