आइडिया को बिजनेस में बदलें युवा: BTU में एक्सपर्ट्स ने बताए स्टार्टअप के गुर, AI-साइबर सिक्योरिटी पर भी फोकस
बीकानेर. कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद सिर्फ नौकरी की तलाश करने के बजाय युवा खुद का स्टार्टअप शुरू कर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करें। एक अच्छे आइडिया को सही दिशा, लगातार मेहनत और जोखिम उठाने की क्षमता के जरिए सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) में राष्ट्रीय उद्यमिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उद्यमिता और स्टार्टअप के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों में कौशल विकसित करने के टिप्स दिए।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप के प्रति जागरूकता एवं प्रेरणा विकसित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएम स्प्रिंग मिल, बीकानेर के निदेशक जतिन आसावा रहे। कार्यक्रम का संयोजन जय भास्कर ने किया।
आइडिया को बिजनेस में बदलने के बताए गुर
जतिन आसावा ने विद्यार्थियों के साथ स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी अच्छे विचार को सही दिशा, निरंतर प्रयास और जोखिम उठाने की क्षमता के साथ सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने के साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
रचनात्मक सोच का राष्ट्रहित में करें उपयोग
कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि बदलते तकनीकी और आर्थिक परिवेश में नवाचार एवं उद्यमिता युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। विद्यार्थी अपनी रचनात्मक सोच, तकनीकी ज्ञान और समस्याओं के समाधान की क्षमता का उपयोग करते हुए नए स्टार्टअप एवं उद्यम विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमता का राष्ट्रहित में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. परबंत सिंह ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाना भी है। विद्यार्थी अपने तकनीकी ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करते हुए नए विचारों पर काम करें और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ें।
iStart Rajasthan से जुड़ने की दी जानकारी
डीओआईटी के उप निदेशक गगन भाटिया ने विद्यार्थियों को iStart Rajasthan प्लेटफॉर्म से जुड़ने और अपने नए एवं प्रभावी विचारों के साथ स्टार्टअप पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी जानकारी दी।
जयवीर शेखावत ने आगामी ‘राजस्थान क्विस्ट-2026’ के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने प्रतियोगिता की पंजीकरण प्रक्रिया, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी साझा की।
AI से साइबर सिक्योरिटी तक सीखने के अवसर
दीपेश रामावत ने विद्यार्थियों को राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के कार्यक्रमों और गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग सहित अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता, स्टार्टअप, नवाचार, तकनीकी कौशल और रोजगार के नए अवसरों से संबंधित जानकारी हासिल की।

