भाजपा से टिकट चाहिए तो बताइए आप नहीं तो कौन?, दावेदारी के साथ प्रतिद्वंद्वियों की भी करनी होगी सिफारिश
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भाजपा से टिकट चाहिए तो बताइए आप नहीं तो कौन?, दावेदारी के साथ प्रतिद्वंद्वियों की भी करनी होगी सिफारिश

Aug 23, 2026

बीकानेर. नगर निकाय चुनाव में पार्षद पद का टिकट मांग रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने इस बार एक अनोखी स्थिति पैदा हो गई है। उम्मीदवार को आवेदन-पत्र में अपनी दावेदारी मजबूत बताने के साथ उसी वार्ड से पार्टी के तीन अन्य कार्यकर्ताओं के नाम भी सुझाने होंगे। यानी टिकट की दौड़ में शामिल दावेदार को अपने संभावित प्रतिद्वंद्वियों के नाम खुद पार्टी को बताने पड़ेंगे।

 

 

 

भाजपा के 19 बिंदुओं वाले आवेदन-पत्र के आखिरी बिंदु में लिखा गया है—‘आपके अलावा अन्य तीन कार्यकर्ताओं के नाम प्रत्याशी के लिए वरीयता से सुझाएं।’ इसके तहत दावेदार को पहली, दूसरी और तीसरी प्राथमिकता के आधार पर तीन कार्यकर्ताओं के नाम लिखने हैं। इसे भाजपा की ओर से दावेदारों की स्क्रीनिंग और वार्डवार संभावित प्रत्याशियों का पैनल तैयार करने का नया फॉर्मूला माना जा रहा है।

 

 

 

नामों से सामने आएगा सबसे पसंदीदा चेहरा

इस कॉलम के माध्यम से पार्टी को यह पता लगाने में भी सहायता मिल सकती है कि एक ही वार्ड से आए अलग-अलग आवेदनों में किस कार्यकर्ता का नाम सबसे ज्यादा बार सुझाया गया है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी वार्ड से 20 लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया और उनमें से अधिकांश आवेदकों ने अपने तीन विकल्पों में किसी एक कार्यकर्ता का नाम लिखा तो पार्टी के सामने उसकी स्थानीय स्वीकार्यता का संकेत आ सकता है।

 

 

 

इस कारण पूरी प्रक्रिया को पार्टी के आंतरिक सर्वे और फीडबैक के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि टिकट केवल इन सुझावों के आधार पर दिया जाएगा, ऐसा आवेदन-पत्र में स्पष्ट नहीं है। अंतिम फैसला पार्टी के सर्वे, संगठनात्मक रिपोर्ट, स्थानीय पकड़, सामाजिक समीकरण और जीत की संभावना के आधार पर किया जा सकता है।

 

 

 

दावेदारों के सामने असमंजस—किसका नाम लिखें?

आवेदन-पत्र के इस बिंदु ने टिकट के दावेदारों को असमंजस में डाल दिया है। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन कार्यकर्ताओं से उनकी टिकट की सीधी प्रतिस्पर्धा है, उन्हीं में से तीन के नाम प्राथमिकता से कैसे सुझाएं। उन्हें आशंका है कि यदि स्वयं को टिकट नहीं मिला तो उनके बताए तीन नामों में से किसी एक के दावे को मजबूती मिल सकती है।

यही कारण है कि आवेदन जमा करने पहुंच रहे कुछ कार्यकर्ता पार्टी पदाधिकारियों से यह भी पूछ रहे हैं कि तीन नामों वाला कॉलम भरना अनिवार्य है या इसे खाली छोड़ा जा सकता है। हालांकि आवेदन-पत्र में इस कॉलम को वैकल्पिक बताए जाने का कोई स्पष्ट उल्लेख दिखाई नहीं देता।

 

 

 

दावेदारी के साथ निष्ठा की भी परीक्षा

प्रोफार्मा में आवेदक का नाम, शिक्षा, व्यवसाय, वर्ग, जाति और वोटर आईडी जैसी सामान्य जानकारियों के अलावा भाजपा की प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यता, संगठन में वर्तमान या पूर्व दायित्व तथा पहले लड़े गए चुनाव का विवरण मांगा गया है। आवेदक को अपनी उपलब्धियों और स्थानीय निकाय से संबंधित बकाया की जानकारी भी देनी होगी।

 

 

 

यदि दावेदार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है तो एफआईआर नंबर, पुलिस थाना, संबंधित धाराएं, न्यायालय और मामले की स्थिति का विवरण देना होगा। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि उसने पूर्व में किसी चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ा या प्रचार किया था अथवा पार्टी ने उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी।

 

 

 

 

फॉर्म के आखिर में आवेदक को यह घोषणा करनी होगी कि वह पार्टी के हर निर्णय का सम्मान करेगा और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए ईमानदारी से सहयोग करेगा। ऐसे में भाजपा का यह आवेदन-पत्र दावेदार की योग्यता के साथ उसकी संगठनात्मक निष्ठा और वार्ड में दूसरे कार्यकर्ताओं को लेकर उसकी राय की भी परीक्षा लेता दिखाई दे रहा है।