बीकानेर में ‘भैंस चोर’ गैंग का खुलासा, 10 लाख की 7 भैंसें बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
बीकानेर. बीकानेर में चोर अब चोरी के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। नाल थाना क्षेत्र में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। यहां चोरों ने किसी घर, दुकान या गोदाम को निशाना नहीं बनाया, बल्कि खुले गोचर से ही लाखों रुपये का पशुधन चोरी कर लिया। एक साथ पशुओं के गायब होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो नाल थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत की 7 भैंसें बरामद की हैं। पशुओं के परिवहन में इस्तेमाल की गई पिकअप को भी पुलिस ने जब्त किया है।
गोचर में पशु चराने गया तो गायब मिले पशु
मामला 15 सितंबर का बताया जा रहा है। परिवादी हंसराज गोदारा के अनुसार वह गोचर भूमि में अपनी भैंसों और पाड़ियों को संभालने व चराने के लिए गया था। वहां पहुंचने पर उसे एक भैंस, एक पाड़ी और एक पाड़ा नहीं मिला। आसपास तलाश करने के बावजूद पशुओं का कोई पता नहीं चला।
परिवादी ने पुलिस को बताया कि इससे पहले 27 अगस्त को भी उसकी एक भैंस गायब हो गई थी। इतना ही नहीं, गांव के अन्य लोगों की भैंसें भी चोरी होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पशु चोरी को लेकर पुलिस में रिपोर्ट दी गई।
जांच में जुटी पुलिस, दो आरोपी गिरफ्तार
16 सितंबर को रिपोर्ट मिलने के बाद नाल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थानाधिकारी विकास बिश्नोई के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने पशु चोरी के मामले में संदिग्धों की जानकारी जुटाई और लगातार जांच करते हुए दो आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस ने रामनिवास उर्फ सुनील (24) पुत्र भागीरथ, निवासी रामसर, थाना नापासर और रामदेव (33) पुत्र मोहनलाल, निवासी रामसर, हाल बजरंग धोरा, बीकानेर को गिरफ्तार किया।
7 भैंसें बरामद, पिकअप भी जब्त
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान चोरी की गई 7 भैंसें बरामद की गई हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने पशुओं को परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई पिकअप को भी जब्त कर लिया है।
अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने इससे पहले पशु चोरी की कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इन चोरी किए गए पशुओं को कहां ले जाया जाता था।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई थानाधिकारी विकास बिश्नोई के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम में सहायक उपनिरीक्षक सुभाषचंद, मैनपाल और सहीराम, हेड कांस्टेबल जगदीश तथा कांस्टेबल पवन कुमार, सुनील और गजानंद शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

