विधायक जेठानंद व्यास ने विधानसभा में उठाए बीकानेर के अहम मुद्दे, बीडीए कार्यालय, रेलवे फाटक, गौ-अभ्यारण्य और आवासन मंडल पर रखी विस्तृत मांगें
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विधायक जेठानंद व्यास ने विधानसभा में उठाए बीकानेर के अहम मुद्दे, बीडीए कार्यालय, रेलवे फाटक, गौ-अभ्यारण्य और आवासन मंडल पर रखी विस्तृत मांगें

Feb 26, 2026

बीकानेर. बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने गुरुवार को विधानसभा में बीकानेर शहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर भी तीखा प्रहार किया।

 

 

व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में पहले ही बजट में बीकानेर को बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) की सौगात दी गई, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस के कुछ खोटे सिक्के बाजार में नहीं चले, फिर भी आज सरकार में कमियां ढूंढ रहे हैं।”

 

 

 

बीडीए कार्यालय वर्तमान स्थान पर ही रहे

 

विधायक ने बीडीए कार्यालय को जोड़बीड़ में स्थापित करने का विरोध करते हुए कहा कि शहर से दूर कार्यालय होने पर आमजन की पहुंच मुश्किल होगी और इससे दलाल तंत्र पनपेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संचालित बीडीए कार्यालय जेडीए की तुलना में दोगुना बड़ा है, इसलिए या तो इसे यहीं संचालित रखा जाए या उनके पूर्व सुझावों के अनुसार उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाए।

 

 

रेलवे फाटक समस्या के समाधान के लिए बीडीए से भूमि अवाप्ति राशि देने की मांग

 

 

व्यास ने कहा कि बीकानेर के रेलवे फाटकों की स्थायी समस्या के समाधान के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है, लेकिन भूमि अवाप्ति के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास राशि नहीं है। उन्होंने बताया कि बीडीए के पास 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध है और अंडरब्रिज निर्माण हेतु भूमि अवाप्ति पर लगभग 16–20 करोड़ रुपए खर्च होने हैं।

उन्होंने मांग की कि यह राशि बीडीए के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाए, जिससे लाखों लोगों को स्थायी राहत मिल सके।

 

 

गौचर भूमि को बनाया जाए गौ-अभ्यारण्य

 

तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच गौ संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जरूरी बताते हुए उन्होंने शहर से लगती गौचर भूमि को गौ-अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

 

 

वर्ष 2013 के पट्टों की जांच की मांग

 

व्यास ने वर्ष 2013 में नगर विकास न्यास द्वारा जारी पट्टों की जांच की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए गए और फर्जी पट्टों पर एनओसी तक दे दी गई, जबकि वास्तविक पट्टाधारक आज भी परेशान हैं।

 

उन्होंने कहा कि फर्जी पट्टों के आधार पर बैंकों से ऋण लिया गया, जिसकी अदायगी न होने पर संपत्तियों की नीलामी हो रही है। कई दशकों से निवास कर रहे लोगों को बेदखल करने के प्रयास भी सामने आए हैं।

 

 

आवासन मंडल और आधारभूत सुविधाओं पर भी उठाए सवाल

 

विधायक ने जोड़बीड़ स्थित आवासन मंडल की भूमि पर हो रही मिट्टी खुदाई को तुरंत रोकने, अलॉटेड मकानों को कब्जों से मुक्त कराने तथा खसरों में हो रहे कथित अवैध बदलावों पर रोक लगाने की मांग की।