पहली तनख्वाह से खरीदी दवाइयां, युवाओं ने दिया मानव सेवा का संदेश
बीकानेर. बीकानेर में मानव सेवा और परोपकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रानी बाजार स्थित चौपड़ा कटला चिकित्सा संकुल में सोमवार को दो युवाओं ने अपनी पहली तनख्वाह का हिस्सा जरूरतमंद मरीजों के लिए समर्पित कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया।
डॉ. भव्य चावला और कुसुम अग्रवाल ने अपनी पहली सैलरी में से राशि निकालकर मरीजों के लिए दवाइयां खरीदीं और उन्हें चौपड़ा कटला चिकित्सा संकुल को भेंट किया। इस पहल की वहां मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। कार्यक्रम के दौरान सेवा और संवेदनशीलता का भाव साफ दिखाई दिया।
इस अवसर पर सुमन छाजेड़ ने दोनों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि “पर पीड़ा दूर करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है।” उन्होंने कहा कि मानव सेवा की भावना से किया गया कार्य समाज के लिए प्रेरणा बनता है और युवाओं द्वारा अपनी पहली कमाई का हिस्सा जरूरतमंदों के लिए समर्पित करना अत्यंत सराहनीय कदम है।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा जिला प्रभारी ओम सारस्वत ने भी आमजन से इस तरह के सेवा कार्यों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सक्षम लोग जरूरतमंद मरीजों के लिए सहयोग करें, तो अधिक से अधिक लोगों तक नि:शुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा संकुल प्रभारी राजीव शर्मा, व्यवस्थापक दिनेश वत्स, डॉ. अशोक सुथार, मोबिन भाई, योगेश भार्गव, पूनम चलवा, अखिल भारद्वाज, अभिनव अग्रवाल, मानसी अग्रवाल, विरेन्द्र चावला, नितिन चावला और साबिर सहित कई लोगों ने इस पहल की प्रशंसा की।
समाजसेवियों का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग अपनी पहली कमाई को व्यक्तिगत इच्छाओं पर खर्च करते हैं, वहीं युवाओं द्वारा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आना समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करता है। यह पहल न केवल मानवता का संदेश देती है, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की प्रेरणा भी देती है।
चिकित्सा संकुल में हुई यह पहल अब शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे सेवा, संवेदना और संस्कारों का सुंदर उदाहरण बता रहे हैं।

