स्कूल में बिना परमिशन एंट्री बंद, बच्चों की फोटो-वीडियो बनाई तो पुलिस तक पहुंचेगा मामला
Bikaner News

स्कूल में बिना परमिशन एंट्री बंद, बच्चों की फोटो-वीडियो बनाई तो पुलिस तक पहुंचेगा मामला

Aug 16, 2026

बीकानेर. राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, गरिमा और निजता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आधिकारिक ड्यूटी पर आने वाले अधिकृत सरकारी अधिकारियों को इसका अपवाद रखा गया है।

 

 

 

शिक्षा विभाग के निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ‘In Loco Parentis’ यानी अभिभावक के समान दायित्व के सिद्धांत के तहत स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए जिम्मेदार है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल परिसरों में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही और विद्यार्थियों की रिकॉर्डिंग को लेकर नियम तय किए गए हैं।

 

 

 

हर आगंतुक की होगी एंट्री

आदेश के अनुसार स्कूल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति को सबसे पहले विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद भी वह अकेले कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, शौचालय या विद्यार्थियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। इन स्थानों पर जाने के लिए प्रधानाचार्य, शिक्षक या अधिकृत विद्यालय अधिकारी का साथ होना जरूरी होगा।

 

 

 

बिना अनुमति फोटो-वीडियोग्राफी नहीं

विद्यार्थियों, शिक्षकों या विद्यालय की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना नहीं की जा सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियां केवल विधिसम्मत उद्देश्य के लिए ही अनुमन्य होंगी।

 

 

 

स्कूल प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों की फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह, प्रकाशन या प्रसार नहीं हो, जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो।

 

 

 

नियम तोड़ा तो पुलिस को सूचना

यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करता है, परिसर छोड़ने से इनकार करता है, अनधिकृत फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास करता है अथवा स्कूल के काम में बाधा डालता है तो प्रधानाचार्य तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दे सकेंगे।

 

 

 

प्रधानाचार्य ऐसे किसी भी व्यक्ति को स्कूल परिसर से बाहर जाने का निर्देश भी दे सकते हैं, जिसकी मौजूदगी से सुरक्षा, निजता, अनुशासन या शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका हो।

 

 

 

बच्चों की पहचान और जानकारी सार्वजनिक करने पर भी रोक

आदेश में कहा गया है कि प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कोई भी आगंतुक किसी बच्चे की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र नहीं कर सकेगा और न ही उसकी पहचान या छवि का ऐसा प्रकाशन कर सकेगा, जो बच्चे के सर्वोत्तम हित में न हो अथवा उसकी सुरक्षा, गरिमा और निजता को प्रभावित करे।

उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता-2023, POCSO एक्ट-2012, किशोर न्याय अधिनियम-2015, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 सहित लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षा विभाग ने सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों और संस्था प्रधानों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।