होलाष्टक में सजेगी उस्ताद जमनादास कल्ला की ऐतिहासिक रम्मत, कीकाणी व्यास चौक में रातभर गूंजेंगे ख्याल और चौमासा गीत
Bikaner News Dharm Karam

होलाष्टक में सजेगी उस्ताद जमनादास कल्ला की ऐतिहासिक रम्मत, कीकाणी व्यास चौक में रातभर गूंजेंगे ख्याल और चौमासा गीत

Feb 27, 2026

बीकानेर। शहर में होलाष्टक के अवसर पर मंचित होने वाली पारंपरिक स्वांग मेहरी रम्मतों में कीकाणी व्यास चौक में आयोजित उस्ताद जमनादास कल्ला की रम्मत का विशेष स्थान है। इस बहुप्रतीक्षित रम्मत का मंचन शुक्रवार रात से शुरू होकर शनिवार सुबह तक चलेगा।

रम्मत से जुड़े कलाकार एडवोकेट मदनगोपाल व्यास ने बताया कि इस रम्मत का मंचन रियासतकाल से लगातार होता आ रहा है। रम्मत के उस्तादों और कवियों ने अपने व्यंग्यपूर्ण ख्याल गीतों के माध्यम से इसे विशिष्ट पहचान दिलाई है। इन ख्याल गीतों की लोकप्रियता आज भी बरकरार है और लोग उन्हें गुनगुनाते नजर आते हैं।

रम्मत का शुभारंभ रात 12 बजे मां लटियाल स्वरूप के अखाड़े में पदार्पण एवं स्तुति-वंदना के साथ होगा। बाल स्वरूप गोपाल ओझा मां लटियाल का रूप धारण करेंगे। मां लटियाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में शहरवासियों के रम्मत स्थल पर पहुंचने की संभावना है।

कार्यक्रम के दौरान रम्मत कलाकारों द्वारा चौमासा एवं ख्याल गीतों का गायन प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं रविवार सुबह आशीष एंड पार्टी द्वारा राधा-कृष्ण की पुष्प होली खेली जाएगी, जो आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा।

रम्मत में झम्मू मस्तान द्वारा रचित ख्याल, लावणी और चौमासे के माध्यम से सत्ता और शासन पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष के साथ प्रेम और विरह की भावनाओं को भी प्रस्तुत किया जाएगा। परंपरा के अनुसार रम्मत में अन्य पात्रों के साथ टेरिये एवं वादक अखाड़े के एक ओर बैठकर प्रस्तुति को जीवंत बनाते हैं।