धूमावती माताओं को मिली आर्थिक संबल, चेहरों पर लौटी मुस्कान
बीकानेर। भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां आम व्यक्ति अपने परिवार की जिम्मेदारियों में उलझा रहता है, वहीं शहर में सेवा और संवेदना का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। श्री जी धूमावती चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा धरणीधर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित त्रैमासिक वित्तीय सेवा समारोह में 101 जरूरतमंद एवं विधवा माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने कहा कि ट्रस्ट का यह प्रयास न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि माताओं को आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी देता है। यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है।
करणी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश कोठारी ने बीकानेर को ‘छोटी काशी’ बताते हुए कहा कि यहां सेवा की परंपरा आज भी जीवित है और ट्रस्ट का यह प्रकल्प उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।
प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी मनीष सिपाणी ने भावुक होते हुए कहा कि माताओं के चेहरे पर आई मुस्कान ही इस सेवा कार्य की सच्ची सफलता है। उन्होंने इसे ईश्वर की साक्षात सेवा बताया।
ट्रस्ट अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि पंडित घनश्याम आचार्य के मार्गदर्शन में प्रत्येक माता को 1500 रुपये की त्रैमासिक सहायता दी गई। साथ ही भामाशाहों द्वारा मिठाई और नमकीन भी वितरित किए गए, जिससे माहौल और भी आत्मीय बन गया।
इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने इस सेवा कार्य की सराहना की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज में सहयोग और संवेदना की भावना से ही जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है।

