राजकीय डूंगर महाविद्यालय में 17 अप्रैल को राष्ट्रीय संगोष्ठी, देशभर के विद्वान होंगे शामिल
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राजकीय डूंगर महाविद्यालय में 17 अप्रैल को राष्ट्रीय संगोष्ठी, देशभर के विद्वान होंगे शामिल

Apr 16, 2026

 

बीकानेर. राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर में शुक्रवार, 17 अप्रैल को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। महाविद्यालय के इतिहास विभाग और अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी का विषय “भारत बोध : समाज, संस्कृति और इतिहास दृष्टि—इतिहास पुनर्लेखन के संबंध में” रखा गया है। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10 बजे प्रताप सभागार में होगा।

 

 

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा मौजूद रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. शिवकुमार मिश्रा (विभागाध्यक्ष, इतिहास, इग्नू, नई दिल्ली) और अर्जुन अवार्डी एवं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर मगन सिंह राजवी भाग लेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बाल मुकुंद पांडे (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, इतिहास संकलन योजना) अपने विचार रखेंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. मनोज दीक्षित, कुलगुरु, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय करेंगे।

 

 

 

आयोजन अध्यक्ष प्रो. चंद्रशेखर कच्छावा ने बताया कि संगोष्ठी में भाग लेने के लिए अब तक 150 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। देशभर से इतिहासकार, विभिन्न विषयों के प्राध्यापक और शोधार्थी अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। चयनित शोध पत्रों का प्रकाशन भी किया जाएगा।

 

 

 

इससे पहले आयोजित तैयारियों की बैठक में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने और इतिहास के छुपे पहलुओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

 

 

 

संगोष्ठी के समापन सत्र में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास मुख्य अतिथि होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में चन्द्रसैन सिंह शेखावत (निदेशक, राजस्थान राज्य अभिलेखागार) और पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रो. सुमंत व्यास, कुलगुरु, राजूवास बीकानेर द्वारा की जाएगी।

 

 

 

यह संगोष्ठी भारतीय इतिहास को नई दृष्टि से समझने और शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।