लू-तापघात से बचाव को लेकर स्कूलों के लिए विशेष निर्देश जारी, पेयजल से लेकर आउटडोर गतिविधियों पर सख्ती
Bikaner News

लू-तापघात से बचाव को लेकर स्कूलों के लिए विशेष निर्देश जारी, पेयजल से लेकर आउटडोर गतिविधियों पर सख्ती

Apr 17, 2026

बीकानेर. बढ़ती गर्मी और आगामी दिनों में हीट वेव तथा लू की आशंका को देखते हुए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, श्रीडूंगरगढ़ ने ब्लॉक क्षेत्र के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के संस्था प्रधानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखना तथा विद्यालय स्तर पर अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करना है।

 

 

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज पूनिया वीर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि और लू चलने की संभावना जताई है। इसे गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार और राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार सभी विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं लागू की जानी जरूरी हैं।

 

 

 

जारी आदेश के अनुसार सभी विद्यालयों में कक्षाओं के भीतर पर्याप्त हवा और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पंखों की स्थिति की जांच कर उन्हें सुचारु रूप से चालू रखने तथा जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त छायादार प्रबंध करने को कहा गया है। साथ ही विद्यार्थियों के लिए शुद्ध और ठंडे पेयजल की उपलब्धता हर समय बनी रहे, इसके लिए संस्था प्रधानों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

 

 

ऐसे विद्यालय जहां कक्ष कक्षों की कमी है या कोई कमरा क्षतिग्रस्त अथवा निर्माणाधीन है, वहां बच्चों को खुले में बैठाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर टेंट अथवा अस्थायी छाया की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि विद्यार्थी सीधे धूप के संपर्क में न आएं।

 

 

 

विद्यालयों में प्राथमिक उपचार किट को भी अनिवार्य रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि उल्टी, घबराहट, बुखार, अपचन और लू के लक्षणों से निपटने के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार आयु वर्ग के अनुरूप दवाइयां और ओआरएस पैकेट उपलब्ध रहें। इससे किसी आकस्मिक स्थिति में तुरंत राहत दी जा सकेगी।

 

 

 

गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खेलकूद, पीटी, ड्रिल और अन्य आउटडोर गतिविधियों पर भी रोक लगाने को कहा गया है। विशेष रूप से दोपहर के समय खुले मैदान में किसी भी प्रकार की गतिविधि आयोजित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

स्कूल परिवहन व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खुले वाहनों या ऐसे साधनों से बच्चों के परिवहन पर रोक लगाई गई है जो सीधे धूप के संपर्क में आते हों। साथ ही वाहन चालकों को भी प्राथमिक उपचार किट रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

विद्यालयों में ‘वाटर बेल’ बजाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों को समय-समय पर पानी पीने और बाथरूम जाने के लिए छोटे-छोटे अंतराल मिल सकें। छोटे बच्चों को शिक्षकों की निगरानी में स्वच्छ पेयजल पिलाने पर भी जोर दिया गया है।

 

 

इसके अलावा एसएमसी और एसडीएमसी समितियों के माध्यम से अभिभावकों को भी जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि घर और विद्यालय दोनों स्तर पर बच्चों को गर्मी से बचाने के प्रयास प्रभावी रूप से किए जा सकें। शिक्षा विभाग ने सभी संस्था प्रधानों से इन दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा है।