पुष्करणा दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन, शिक्षा-साहित्य और समाजसेवा की विभूतियां होंगी सम्मानित
Bikaner News

पुष्करणा दिवस पर तीन दिवसीय आयोजन, शिक्षा-साहित्य और समाजसेवा की विभूतियां होंगी सम्मानित

Aug 23, 2026

 

बीकानेर. पुष्करणा दिवस के उपलक्ष्य में द पुष्करणाज फाउंडेशन की ओर से 24 अगस्त से तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पौधरोपण, वरिष्ठ दंपतियों एवं समाज की विभिन्न विभूतियों का सम्मान, संगोष्ठी और निबंध प्रतियोगिता सहित कई गतिविधियां होंगी।

 

 

 

कार्यक्रम संयोजक गोपीकिशन छंगाणी और मोहित पुरोहित ने बताया कि 24 अगस्त की सुबह मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन कर कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के पास एक कोस वाली प्याऊ पर खेजड़ी, नीम और अशोक सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को पौधों के पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करने की शपथ भी दिलाई जाएगी।

 

 

 

50 वर्ष का वैवाहिक जीवन पूरा करने वाले दंपति होंगे सम्मानित

मोहित पुरोहित ने बताया कि 24 अगस्त को ही दूसरे चरण में वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष या इससे अधिक समय पूरा कर चुके दंपतियों का सम्मान किया जाएगा। आयोजन के दूसरे दिन शिक्षा, साहित्य, जनसंपर्क और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।

 

 

शिक्षाविद् सम्मान राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित और सिस्टर निवेदिता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रितेश व्यास को प्रदान किया जाएगा। साहित्य एवं जनसंपर्क कर्मी सम्मान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य को दिया जाएगा।

 

 

इसके अलावा पुष्करणा सावा समिति को ‘पंच परमेश्वर सम्मान’, बेसिक स्कूल बीकानेर के व्यवस्थापक एवं समाजसेवी नारायणदास व्यास को समाजसेवा सम्मान तथा कोलकाता निवासी समाजसेवी पूनमचंद रंगा और बाबा रामदेव मित्र मंडल सेवा समिति, कोलकाता को ‘प्रवासी बीकानेरी सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।

 

 

अंतिम दिन संगोष्ठी और निबंध प्रतियोगिता

फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् राजेश रंगा ने बताया कि तीसरे दिन कला एवं संस्कृति, खेल और संस्था विषय पर संगोष्ठी एवं सेमिनार आयोजित होगा। इसके मुख्य वक्ता कृष्णचंद पुरोहित होंगे। इसी दिन निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

 

 

 

कृष्णचंद पुरोहित ने कहा कि डॉ. राजेंद्र पुरोहित और डॉ. रितेश व्यास को दिया जाने वाला सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान एवं विद्यार्थियों में अनुशासन, संवेदनशीलता, नैतिकता और सृजनात्मक सोच विकसित करने की प्रतिबद्धता का सम्मान है। वहीं डॉ. हरिशंकर आचार्य का व्यक्तित्व साहित्यिक संवेदना, प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक सरोकार और जनसंपर्क कौशल का समन्वय है। उन्होंने शासन-प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को प्रभावी बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

 

 

बैठक में विमल किशोर व्यास, गौरीशंकर व्यास, रोहित पुरोहित, राकेश किराड़ू, श्यामसुंदर किराड़ू, मरुधर बोहरा, हरिनारायण आचार्य, नंदकिशोर रंगा, उमेश पुरोहित, आदित्य पुरोहित, राममूर्ति व्यास, शिवदत्त व्यास, कृष्णकांत पुरोहित, विष्णुदत्त पुरोहित, अशोक उपाध्याय, हुलासचंद व्यास और राजकुमार रंगा सहित फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे।