नशे के रूप में इस्तेमाल हो रही दवाओं पर अब प्रशासन सख्त, इन दवाओं की बिक्री पर लगा प्रतिबंध
Bikaner News

नशे के रूप में इस्तेमाल हो रही दवाओं पर अब प्रशासन सख्त, इन दवाओं की बिक्री पर लगा प्रतिबंध

Sep 30, 2026

बीकानेर. युवाओं द्वारा कुछ दवाओं का नशे के रूप में इस्तेमाल किए जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए बीकानेर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलक्टर निशांत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर नशे के रूप में इस्तेमाल की जा रही कुछ गैर-एनडीपीएस दवाओं की खुली और अनियंत्रित बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

 

 

प्रशासन के अनुसार कुछ ऐसी दवाएं हैं, जो तकनीकी रूप से एनडीपीएस एक्ट के तहत नशीली दवाओं की श्रेणी में नहीं आतीं, लेकिन इनका इस्तेमाल टैबलेट या इंजेक्शन के रूप में नशे के लिए किया जा रहा है। ऐसी दवाओं की खरीद-बिक्री में बढ़ोतरी को देखते हुए युवाओं के भविष्य और लोकहित को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।

 

 

इन दवाओं की बिक्री पर सख्ती

आदेश के अनुसार थोक एवं खुदरा विक्रेता, अनधिकृत व्यक्ति या फर्म प्रेगाबालिन 75 मिलीग्राम से अधिक, टैपेंटाडोल, जोपिक्लोन और क्वेटियापिन साल्ट वाली दवाओं का बिना पक्के क्रय-विक्रय बिल के लेन-देन नहीं कर सकेंगे।

 

 

थोक दवा विक्रेताओं को इन दवाओं के क्रय-विक्रय का दैनिक स्टॉक रजिस्टर बैच नंबर सहित रखना होगा। इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से भेजना भी अनिवार्य किया गया है।

 

 

डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी दवा

खुदरा मेडिकल स्टोर संचालक इन दवाओं की बिक्री केवल चिकित्सक की मूल प्रिस्क्रिप्शन/पर्ची पर ही कर सकेंगे। दवा बेचते समय पर्ची पर मेडिकल स्टोर की मुहर और बिक्री की तारीख अंकित करना भी अनिवार्य होगा।

 

 

हर महीने होगी मेडिकल स्टोरों की जांच

आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए सहायक औषधि नियंत्रक, संबंधित उपखंड अधिकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी। ये टीमें प्रत्येक माह की 3 से 5 तारीख के बीच मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण करेंगी।

 

 

जांच के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता या आदेश का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

 

जिला प्रशासन का यह आदेश पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 28 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।

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