बीकानेर में रामनवमी पर भव्य आयोजन, 3500 किलो पेड़े का ऐतिहासिक भोग, हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर
Bikaner News Dharm Karam

बीकानेर में रामनवमी पर भव्य आयोजन, 3500 किलो पेड़े का ऐतिहासिक भोग, हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर

Mar 28, 2026

बीकानेर. बीकानेर में चल रहे विराट चैत्र नवरात्रि महोत्सव के तहत रामनवमी पर आस्था, भक्ति और चमत्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीकृष्णगिरी शक्तिपीठाधीपति जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में आयोजित देवी भागवत कथा, हवन यज्ञ और अनुष्ठानों के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।

 

 

 

 

हनुमानजी के साक्षात दर्शन का दावा, गूंजे जयकारे

 

रामनवमी के अवसर पर जब पूज्य जगद्गुरु श्रीजी ने दुर्लभ सिद्ध बीज मंत्रों का उच्चारण किया, तो विशाल पांडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने हनुमानजी के साक्षात दर्शन होने का अनुभव साझा किया। इस दौरान पूरा वातावरण “जय श्रीराम” और “हनुमानजी महाराज की जय” के जयकारों से गूंज उठा।

 

 

 

3500 किलो दूध पेड़े का ऐतिहासिक भोग

 

इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही प्रभु श्रीराम दरबार में लगाया गया 3500 किलो दूध के पेड़ों का भव्य भोग।

पहले 1008 किलो भोग की घोषणा की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की अपार आस्था के चलते यह मात्रा तीन गुना से अधिक पहुंच गई।

महज 11 दिनों के लिए बने अस्थायी मंदिर में इतना विशाल भोग अर्पण कर बीकानेर में एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ।

 

 

 

 

मां की महिमा पर भावपूर्ण प्रवचन

अपने प्रवचन में जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि महाराज ने कहा—

“मां की ममता जैसी महिमा तीनों लोकों में कहीं नहीं है।”

उन्होंने बताया कि मां भगवती की भक्ति से जीवन के दुख, संकट और बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। उन्होंने यह भी कहा कि कथा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि सच्चा भक्त बनाना है।

 

 

 

देश-विदेश तक पहुंचा आयोजन

इस भव्य आयोजन का लाइव प्रसारण “थॉट योगा” प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया, जिसे देश-विदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देखा और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। काशी के विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ नौ कुंडीय हवन यज्ञ भी संपन्न कराया गया।

 

 

 

गुरुदीक्षा और सेवा का संदेश

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को गुरुदीक्षा प्रदान की गई। साथ ही, गुरु दक्षिणा को गौशालाओं में समर्पित करने की घोषणा कर सेवा और धर्म का संदेश दिया गया।

 

 

 

आज विशेष आध्यात्मिक अनुभव का दावा

आयोजन के अगले चरण में शनिवार को श्रद्धालुओं को यह अनुभव कराने की बात कही गई है कि गुरुदेव सूक्ष्म रूप में उनके घर-घर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करेंगे या किसी विशेष अनुभूति के रूप में उपस्थित रहेंगे।