गायत्री हवन के साथ गौसेवा का संदेश, पलाना गौशाला में हुआ विशेष प्रशिक्षण शिविर
बीकानेर. श्रीकृष्णा गौशाला संस्थान, पलाना में रविवार को श्रद्धा और वैदिक परंपरा के साथ गायत्री हवन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, महिलाओं और ग्रामीणों ने भाग लेकर विश्व कल्याण, गौसंरक्षण, राष्ट्र की उन्नति और पर्यावरण संरक्षण की कामना से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
गायत्री हवन का संचालन जगजीत जी एवं पवन कुमार ओझा ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कराया। यज्ञ के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ सहभागिता निभाई। आयोजन में वैदिक संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर महेंद्र जोशी ने गौ-आधारित उत्पादों के निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने गोबर से गोबर गणेश, गो-काष्ठ, गोबर की ईंटें, स्वास्तिक सहित विभिन्न धार्मिक एवं उपयोगी सामग्री बनाने की विधि बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सूर्य प्रकाश ने गौधन अर्क के निर्माण, उसके उपयोग तथा पारंपरिक और आयुर्वेदिक महत्व की जानकारी दी। साथ ही गोबर से यज्ञ कंडे और प्राकृतिक धूप बनाने का प्रशिक्षण भी दिया तथा इनके धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. सोनाली सक्सेना ने महिलाओं को स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों पर संबोधित किया। उन्होंने गायत्री मंत्र जाप के सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा करते हुए नियमित साधना के लिए प्रेरित किया।
आयोजन को सफल बनाने में कौशल शेखावत, अविनाश गोयल और राधेश्याम नामा का विशेष सहयोग रहा। वहीं ग्रामवासी पन्नालाल, रामलाल, परतराम सहित अन्य ग्रामीणों ने ऐसे धार्मिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना के साथ प्रार्थना की तथा गौसेवा, वैदिक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।

