सावन मेले में 10 लाख से ज्यादा की खरीदारी, 50 स्टॉल पर उमड़ी भीड़, महिला उद्यमियों को मिला बड़ा मंच
बीकानेर. अग्रवाल समाज चेतना समिति की ओर से आयोजित सावन मेला 2026 का उत्साह के साथ समापन हुआ। मेले में करीब 50 स्टॉल लगाए गए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर खरीदारी की। आयोजन के दौरान करीब 10 लाख रुपए से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई। खास बात यह रही कि मेले ने घरेलू और छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली महिलाओं को अपने उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए मंच उपलब्ध कराया।
महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. विजयश्री ने बताया कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए मेले में अलग-अलग तरह के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। अवकाश के चलते आयोजन के दौरान लोगों की अच्छी भीड़ रही।
गोबर और गोमूत्र से बने उत्पादों ने खींचा ध्यान
मेले में गोमूत्र से निर्मित उत्पाद, आयुर्वेदिक सामग्री और गोबर से तैयार पर्यावरण हितैषी उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और तीज को देखते हुए महिलाओं के कपड़े, राखियां, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के स्टॉल भी लगाए गए। खान-पान के स्टॉल पर भी लोगों की भीड़ रही।
आयोजन को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया। समाज की महिलाओं ने अतिथियों और आगंतुकों को पौधे भेंट कर पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
फूड स्टॉल और गेम्स का भी उठाया लुत्फ
सह प्रभारी स्मिता अग्रवाल एवं निशा अग्रवाल तथा अग्रवाल सभा महिला प्रकोष्ठ प्रभारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि फूड स्टॉल, मनोरंजक गेम्स और विभिन्न गतिविधियां मेले के प्रमुख आकर्षण रहे। प्रतियोगिताओं और गेम्स के विजेताओं को प्रायोजकों की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में डॉ. रितिका टाटिया, एसोसिएट प्रोफेसर पैथोलॉजी, डॉ. सोनिया गुप्ता, गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. निकेता गुप्ता, कॉस्मेटोलॉजिस्ट तथा जीएसटी विभाग से निकिता बंसल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। इस अवसर पर उमा अग्रवाल की भी उपस्थिति रही।
मेले की सहयोगी संस्था अग्रवाल सभा, गोगा गेट रही। आयोजन को सफल बनाने में समाज के मंत्री मनीष चौधरी और अध्यक्ष प्रमोद देवड़ा की विशेष भूमिका रही।
महिलाओं ने कहा- साल में दो-तीन बार हों ऐसे आयोजन
समापन पर महिलाओं ने आयोजन समिति की सदस्यों को सफल आयोजन के लिए साधुवाद दिया। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के मेले साल में कम से कम दो से तीन बार आयोजित होने चाहिए। इससे घरेलू स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को अपना हुनर और उत्पाद प्रदर्शित करने के साथ कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलता है।
आयोजकों के अनुसार सावन मेला केवल खरीदारी और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला उद्यमिता, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का मंच भी बना। उत्साह और सकारात्मक संदेश के साथ सावन मेला 2026 संपन्न हुआ।

