गुरुवार से शुरू होगा 11 दिवसीय अलौकिक अनुष्ठान, बीकानेर में बना आध्यात्मिक माहौल
बीकानेर। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गंगाशहर रोड स्थित अग्रवाल भवन में गुरुवार से 11 दिवसीय विराट चैत्र नवरात्रि देवी भागवत कथा एवं यज्ञ महोत्सव का शुभारंभ होगा, जिससे पूरे शहर में आध्यात्मिक वातावरण बन गया है।
परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज के सानिध्य में 19 मार्च से 29 मार्च तक आयोजित इस भव्य महोत्सव को राजस्थान के इतिहास में पहली बार इतने विराट स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है।
महोत्सव के तहत प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से देवी भागवत कथा का आयोजन होगा, वहीं दिन में महालक्ष्मी महायज्ञ के माध्यम से विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन भव्य भजन संध्या भी आयोजित होगी, जो श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेगी।
आयोजन से जुड़े गुरुभक्त डॉ. संकेश जैन ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक पूजा के साथ-साथ विशेष आध्यात्मिक साधनों की भी व्यवस्था की गई है। इनमें जिबू कॉइन, सिद्धि यंत्र, हीलिंग जेमस्टोन, लक्ष्मी यंत्र और वास्तु यंत्र प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
इससे पूर्व अग्रवाल भवन परिसर में आयोजित छह दिवसीय सर्वकष्ट निवारक दिव्य यज्ञ अनुष्ठान में काशी के विद्वान पंडितों ने आहूतियां दीं। यज्ञ स्थल पर भगवान शिव, देवी पार्वती, पद्मावती माता, देवी लक्ष्मी, बटुक भैरव और हनुमानजी की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना कर मंडप पूजन के साथ अनुष्ठान सम्पन्न हुआ।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दिव्य साधना शिविर का आयोजन होगा, जिसमें पाइराइट कुबेर लक्ष्मी यंत्र एवं जिबू कॉइन साधना कराई जाएगी। श्रद्धालु 3, 5 या 11 दिन की साधना के बाद यंत्र और कॉइन अपने साथ ले जा सकेंगे।
मुख्य आकर्षण के रूप में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से हजारों किलो मेवा, घी और शुद्ध चंदन की लकड़ियों से अति विराट महायज्ञ किया जाएगा। इसके साथ ही 10 करोड़ जप से सिद्ध शिवलिंग पर 11 दिनों तक रुद्राभिषेक भी होगा।
इस अवसर पर जगद्गुरु श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि जीवन में सुख और सम्मान पाने के लिए संत, गुरु और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति यदि देवगुणों को अपनाता है तो भगवान स्वयं उसकी सहायता करते हैं और जीवन सफल हो जाता है।

